

Rambhadracharya Prediction On Samrat Choudhary: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति करते दिखेंगे। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद की कमान भाजपा नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मिली है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए ने विधान परिषद में विश्वास मत भी हासिल कर लिया। सीतामढ़ी महोत्सव-2026 के अवसर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीतामढ़ी पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात जगद्गुरु रामभद्राचार्य से हुई, जोकि चर्चा में बनी हुई है।
सम्राट चौधरी से मुलाकत के बाद उनते आगे के कामकाज और कार्यकाल को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज ने बड़ी भविष्यवाणी की है। मुलाकात को लेकर उन्होंने रविवार को मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए काफी कुछ कहा।
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों ने रामभद्राचार्य से सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बनने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा लड़का है। कल तो मिलने भी आए थे, अच्छा करेंगे जैसे नीतीश जी ने किया था। उसी ढंग से सब चलता रहेगा। बहुत अच्छा करेगा। पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव को लेकर भी मीडिया द्वारा सवाल किया गया। इस पर उन्होंने ज्यादा कुछ तो नहीं कहा। बस इतना बताया कि ये तो निश्चित है कि बीजेपी अच्छा करेगी।
सम्राट चौधरी के कार्यकाल पर सवाल करने पर रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा हां पूरा करेंगे। बातचीत में उन्होंने यह भी बताया कि 31 दिसंबर 2028 तक बाल सीता मंदिर पूरा हो जाएगा। बिहार आने के सवाल पर महाराज जी ने कहा बिहार सीता जी की जन्मभूमि है पुनौरा में। हम अवध के हैं। तो सीता जी हमारी बड़ी बहू हैं, तो समधियाना में तो आना ही पड़ता है।
बता दें कि बीते शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 25 अप्रैल को जानकी नवमी के पावन अवसर पर सीतामढ़ी जिला स्थित पुनौराधाम में सीतामढ़ी महोत्सव-2026 में शामिल हुए थे। वहीं पर रामभद्राचार्य महाराज से कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी की थी। उन्होंने सीतामढ़ी में ‘सीतापुरम’ नाम से एक नया शहर बसाने की घोषण की थी। इस संबंध में पहली कैबिनेट बैठक में ही मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार की योजना मां जानकी से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों को पुनौराधाम से जोड़ने की है, जिससे कि श्रद्धालु यहां आकर कुछ दिनों तक ठहरकर विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर सकें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की, कि यह स्थल शोध एवं अध्ययन के लिए भी विकसित किया जाएगा, जिससे कि विशेषज्ञ यहां आकर अनुसंधान कर सकें।