

Rohini Acharya Congratulates Prashant Kishor: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी ने भी जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए अपनी हार मान ली है। प्रशांत किशोर की जीत पर देशभर से नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
पीके की जीत पर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य और मीसा भारती ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक ओर जहां रोहिणी आचार्य ने पीके को जीत की बधाई दी है, वहीं मीसा भारती ने उन्हें भाजपा का प्रत्याशी करार दिया।
प्रशांत किशोर की जीत पर रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव पर तंज कसा। तेजस्वी को आईना दिखाते हुए रोहिणी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे से ये फिर से साबित हो गया कि जीत उसकी जरूर होती है, जो लगातार लड़ता है, जनता से जिसका निरंतर जुड़ाव होता है, जो कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का सम्मान करता है और उनके साथ संपर्क व संवाद कायम रखता है।
रोहिणी ने प्रशांत की इस जीत को भाजपा के विरोध और लोकतंत्र में जनता का विश्वास बताया हैl पीके को बधाई देते हुए उन्होंने लिखा कि विजेता को हार्दिक बधाई और जन-समर्पित कार्यकाल व भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं।
वहीं, राजद सांसद मीसा भारती ने प्रशांत किशोर को बीजेपी का प्रत्याशी बताया। उन्होंने कहा कि कहा जाए तो ये भाजपा के प्रत्याशी की हार है लेकिन प्रशांत किशोर यदि वहां जीत रहे हैं तो ये भाजपा की ही जीत है। वहां पर प्रत्याशी बदले गए, क्या कारण रहा कि प्रत्याशी बदले गए? जनता को प्रशांत किशोर ने बहुत सारे वादे किए हैं जो कि असंभव है। किसी भी पार्टी के सांसद हों, विधायक हों, उसके लिए ये सब कर पाना बहुत मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि ये जगह भाजपा का गढ़ है, जहां पिछले 35-40 सालों से कोई काम नहीं हुआ है उसमें वे कह रहे हैं कि बच्चों को पटना के प्राइवेट स्कूल में भर्ती करवा देंगे, सरकारी स्कूलों में जाने की आवश्यकता नहीं है। जनता को सच्चाई पता नहीं है कि प्रशांत किशोर ही भाजपा के असली प्रत्याशी हैं। जनता को ये बात समझने में समय लगेगा लेकिन जब वे जीत जाएंगे तो ये देखने को मिलेगा।
प्रशांत किशोर की जीत पर AAP सांसद संजय सिंह ने इसे Gen-Z द्वारा पीएम मोदी को पहला सबक बताया। उन्होंने कहा कि बहुत साफ संकेत है कि बांकीपुर में बांका चल गया है और भाजपा का जो मतदाता वर्ग है उसका बुरी तरह से मोहभंग हो चुका है। ये नतीजा कहीं ना कहीं संकेत देता है कि जैसे एक बार जनमोर्चा के प्रत्याशी के तौर पर वी.पी. सिंह ने प्रयागराज से जीत हासिल की थी। वैसी ही बड़ी जीत है।
35 साल से भाजपा कभी नहीं हारी। जब कांग्रेस पार्टी की 415 सीट थी उस समय वी. पी. सिंह उपचुनाव जीते थे। उसके बाद पूरे देश में एक संदेश गया था। बांकीपुर का परिणाम संकेत है कि नौजवान का बुरी तरह से मोहभंग हुआ है और Gen-Z ने पहला सबक पीएम मोदी को बांकीपुर में सिखाया है।