लालू यादव की सुरक्षा में कटौती पर भड़के मृत्युंजय तिवारी, बोले- 'यह सस्ती राजनीति है'

Lalu Yadav Security Reduction: आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा घंटों में कटौती को सस्ती और बेहद घटिया राजनीति बताया है। इतना ही नहीं उन्होंने खान सर को भी लेकर बड़ी बात कही।
Mrityunjay Tiwari lashes out at the reduction in Lalu Yadav's security, calls it 'cheap politics'.
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी (सोर्स सोशल मीडिया)
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Lalu Yadav Security Reduction: लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा घंटों में कटौती पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह सस्ती और बेहद घटिया राजनीति है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव न केवल बिहार बल्कि देश के बड़े नेता हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। राबड़ी देवी भी बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष की नेता हैं।

मृत्युंजय तिवारी ने क्या कहा

निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कई महीनों से चर्चा थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में आएंगे। अब देखते हैं कि वे कौन सी जिम्मेदारी संभालते हैं। हमारे नेता ने पहले ही कहा था कि अगर वे राजनीति में आते हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन जिस तरीके से वे आए हैं, उसे देखते हुए लगता है कि भाजपा उन्हें लेकर आई है और भाजपा ही उन्हें बाहर करेगी तथा जेडीयू को खत्म कर देगी।

डीएमके के इंडिया अलायंस की बैठक

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा कटौती पर कहा कि उन्हें ऐसी सुरक्षा दी ही क्यों गई थी? संवैधानिक व्यवस्था परिवार की विरासत के आधार पर नहीं चलती। जनता ही नेताओं को चुनकर सत्ता में लाती है। हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस की 'धोखाधड़ी' की वजह से डीएमके के इंडिया अलायंस की बैठक में शामिल नहीं हुए।

खान सर को लेकर कही ये बात

आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने खान सर और रौशन आनंद के विवाद पर कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार वे दो महत्वपूर्ण चीजें हैं जो शिक्षक छात्रों के जीवन में उतारते हैं। हम सब शिक्षकों की संतानें हैं। अगर शिक्षा को बाजार और कारोबार बना दिया जाए तो सरकार को इसे नियंत्रित करना चाहिए आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच जो कुछ हुआ, वह पुलिस जांच का विषय है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सभी नियमों को ताक पर रख दिया

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आखिर डीएमके ऐसा क्यों नहीं करेगी? वजह यह है कि डीएमके और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस सत्ता की इतनी भूखी है कि उसने तमिलनाडु में सभी नियमों को ताक पर रख दिया और बिना बुलाए वहां पहुंच गई, सिर्फ सत्ता के लिए। राहुल गांधी इतने बेताब हैं कि उन्हें इस बात की भी परवाह नहीं कि भारत में गृहयुद्ध छिड़ जाए।

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