TCS के बाद विप्रो में 'कॉरपोरेट जिहाद'! विनोद बंसल ने की गहन जांच की मांग; जानें क्या है पूरा विवाद

Vinod Bansal Statement: आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो में कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव और नौकरी से निकाले जाने के आरोपों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। जानिए क्या है मामला?
After TCS, Wipro now faces allegations of 'corporate jihad'; controversy escalates with demands for a probe.
विनोद बंसल (सोर्स आईएएनएस)
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Wipro Religion Conversion Allegations: आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो में कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव और नौकरी से निकाले जाने के आरोपों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट जगत में धर्मांतरण और अन्य संगठित गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिशें हो रही हैं, जिनकी निष्पक्ष और गहन जांच की जानी चाहिए।

अगस्त 2025 में इस्तीफा देने वाली महिला ने हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये आरोप लगाए। उन्होंने हिंजवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और विप्रो को 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा।

मानसिक आघात के लिए रुपये की मांग

उनके वकील, एडवोकेट विवेक भोसले का तर्क है कि इस्तीफा दबाव में लिया गया था, जो प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन है। कानूनी नोटिस में बहाली, बकाया वेतन, इस्तीफा रद्द करने, औपचारिक माफी, आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और मानसिक आघात के लिए 50 लाख रुपये की मांग की गई है। उन्होंने पुलिस से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और ईमेल जैसे डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने और यह जांच करने का भी आग्रह किया है कि पीओएसएच अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति  कार्रवाई करने में विफल क्यों रही।

धर्म परिवर्तन, धन और अवसर मिलेंगे

उसकी शिकायत के अनुसार, सहकर्मी शाहिना रफीक ने शुरू में दुबई स्थित एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में उससे संपर्क किया, लेकिन जल्द ही उसके निजी फोन पर कॉल करने लगी। आरोप है कि शाहिना ने उस पर बार-बार हिंदू धर्म छोड़ने, मुस्लिम पुरुषों - विशेषकर "शेख" संपर्कों - से संबंध बनाने, इस्लाम धर्म अपनाने और बेहतर जीवन और करियर में उन्नति के लिए विदेश जाने का दबाव डाला। पीड़िता का दावा है कि उसे बताया गया था कि धर्म परिवर्तन से सुख, धन और अवसर मिलेंगे।

इनकार करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई

विनोद बंसल ने कहा कि हाल में सामने आए आरोप न केवल आईटी सेक्टर बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार, यदि किसी कर्मचारी पर उसकी धार्मिक मान्यताओं को बदलने के लिए दबाव बनाया गया है और इनकार करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों की स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

समाज से भी सतर्क रहने की अपील

विनोद बंसल ने समाज से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को किसी भी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या संदिग्ध गतिविधियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और ऐसी किसी घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता और कानूनी कार्रवाई, दोनों मिलकर ही ऐसे मामलों को रोकने में प्रभावी साबित हो सकते हैं।

धार्मिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल

उन्होंने कहा कि जिहादी, जिहादी होता है, यह हिन्दू समाज को समझना पड़ेगा और उनका सार्वजनिक रूप से बहिष्कार भी करना पड़ेगा। उनके साथ किसी भी तरह का व्यवहार आपके लिए खतरनाक हो सकता है, यह अनेक घटनाओं में स्पष्ट हो चुका है। यह लार्जर कॉन्सपिरेसी का हिस्सा है, चाहे वह पढ़े-लिखे हों, गरीब हों, पैसे वाले हों या उच्च योग्यता प्राप्त व्यक्ति हों। इन लोगों के मन-मस्तिष्क में कट्टरपंथी सोच हावी रहती है।

ऐसी कट्टरपंथी सोच का सैनिटाइजेशन करना बहुत जरूरी है। इन घटनाओं से भारत के आईटी उद्योग में मानव संसाधन नीतियों, प्रबंधन की प्रतिक्रिया और धार्मिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठते हैं। दोनों मामलों की जांच जारी है और निष्पक्ष जांच एवं उचित प्रक्रिया की मांग की जा रही है।

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