

Jamui Molestation Case: बिहार के जमुई में एक नाबालिग लड़की और उसके दोस्त के साथ छेड़छाड़ के मामले में मुख्य आरोपी की मां ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से एनकाउंटर को अंजाम दिया जिसमें उनके बेटे के पैर में गोली लगी थी। उन्होंने सरकार से अपील की कि उसे "सुधरने का एक और मौका" दिया जाए। महिला ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को नदी के पास एक गौशाला के पास पकड़ा गया था और दावा किया कि बाद में पुलिस ने एनकाउंटर को असली दिखाने के लिए उसके हाथों में हथियार रख दिया।
जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव की मां ने कहा कि मुझे शुरू में इस घटना के बारे में नहीं बताया गया था। मुझे बाद में पता चला। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी नौकरी बचाने के लिए बस एक दिखावा किया। उन्होंने गिरफ्तारी के समय के बारे में कहा कि मुझे ठीक-ठीक नहीं पता कि उसे कब गिरफ्तार किया गया। आरोपी की मां के मुताबिक, उसका बेटा गांव के ही एक लड़के के फोन कॉल पर वहां गया था, जिसने उसे बुलाया था।
महिला ने दावा किया कि उसका बेटा बेगुनाह है और सरकार से अपील की कि उसे एक और मौका दिया जाए। उसने कहा, "मेरा बेटा बेगुनाह है। गांव के ही एक लड़के ने उसे फोन करके बुलाया था, इसलिए वह वहां गया। सरकार से गुजारिश की है कि उसे सुधरने का एक और मौका दिया जाए। महिला ने दावा किया कि पुलिस को देखकर उसके बेटे ने माफी मांगी, लेकिन उसके साथ बदसलूकी की गई और गोली मारने से पहले उसे भागने के लिए मजबूर किया गया। मेरे बेटे ने बस दो कदम ही उठाए थे कि उन्होंने उसके पैर में गोली मार दी।
जमुई में 19 सिंतबर की रात को घटना घटी थी जब छात्रा कोचिंग के बाद अपने क्लासमेट के साथ स्कूटी से मड़वा पहाड़ घूमने गई थी। लौटते समय कुछ लड़कों ने दोनों को सड़क पर घेर लिया और उनके साथ बदसलूकी की। इसी दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में कुछ लड़के छात्रा के अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं। 21 सितंबर को वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। इस मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस ने हॉफ एनकाउंटर किया है।