बिहार में बनी NDA सरकार, तो कौन सी बार CM पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार; कब-कब बन चुके हैं मुख्यमंत्री

Nitish Kumar: एग्जिट पोल आने के बाद बिहार में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई। वहीं, मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भी चर्चा जारी है। अगर नीतीश मुख्यमंत्री बनते हैं तो कौन-सी बार CM पद की शपथ लेंगे।
Bihar CM Nitish Kumar
नीतीश कुमार, ( मुख्यमंत्री, बिहार)
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Bihar Assembly Elections 2025 Exit Poll: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों की वोटिंग मंगलवार शाम खत्म समाप्त हो गया है। इन दोनों चरणों में बिहार के मतदाताओं ने बंपर वोटिंग किए हैं। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद तमाम सर्वे एजेंसियों ने अपने-अपने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। वहीं, राजद और कांग्रेस के नेतृत्व वाली महागठबंधन को फिर हार का सामना करना पड़ सकता है।

एग्जिट पोल के आंकड़ों के बाद बिहार में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। वहीं, मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भी चर्चा जारी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर एनडीए नीतीश कुमार को सीएम बनाती है तो वह कौन सी बार मुख्यमंत्री का शपथ लेंगे और वह कब-कब बिहार का सीएम बन चुके हैं। आइए इन सभी सवाल का जवाब विस्तार से जानते हैं।

10वीं बार शपथ ले सकते हैं नीतीश कुमार

अगर एग्जिट पोल के आंकड़े सही साबित होते हैं तो बिहार की सत्ता में फिर एनडीए का का मुख्यमंत्री होगा। वहीं, अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में चुना जाता है, तो वह 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे। इससे पहले वह 9 बार मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनियता का शपथ ले चुके हैं। सबसे पहले वह साल 2000 में पहली बार सीएम बने थे। हालांकि, उस समय वह केवल ही 7 दिन तक ही सेवा दे पाए थे। नीतीश कुमार सबसे ज्यादा समय तक रहने वाले बिहार के मुख्यमंत्री है।

कब-कब मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार?

  • पहली बार- 03 मार्च, 2000
  • दूसरी बार- 24 नवंबर, 2005
  • तीसरी बार- 26 नवंबर, 2010
  • चौथी बार- 22 फरवरी, 2015
  • पांचवीं बार- 20 नवंबर, 2015
  • छठवीं बार- 27 जुलाई, 2017
  • सातवीं बार- नवंबर, 2020
  • आठवीं बार- अगस्त, 2022
  • नौवीं बार-  जनवरी, 2023

बिहार में रिकॉर्ड वोटिंग से किसे फायदा?

बिहार ने इस बार पहले चरण में 64.66 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की थी। वहीं, चुनाव आयोग के मुताबिक, मंगलवार को हुए दूसरे चरण के मतदान में 67.14 प्रतिशत वोट पड़े, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान है। इतना ऊंचा मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मतदाताओं ने इस बार किसी एक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत देने का मन बना लिया है। जैसा की एग्जिट पोल में देखने को मिल रहा है।

एनडीए और महागठबंधन, दोनों को अपने-अपने समर्थकों के उत्साह और संगठनात्मक मजबूती पर पूरा भरोसा है। अब सभी की नजरें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

कौन कितने सीट पर लड़ रहा चुनाव?

बिहार की राजनीति इस वक्त गरमाई हुई है। वर्तमान एनडीए गठबंधन में भाजपा के 80, जेडीयू के 45, हम (एस) के 4 और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं। इस बार एनडीए के भीतर भाजपा और जेडीयू ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वहीं, चिराग पासवान की LJP (रामविलास) ने 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, हालांकि एक सीट पर उनकी उम्मीदवार सीमा सिंह की दावेदारी रद्द कर दी गई थी। इसके अलावा जीतन राम मांझी की हम (H.A.M) और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा (RLM), दोनों ही 6-6 सीटों पर चुनाव मैदान में हैं।

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