मैं सम्राट चौधरी..., बिहार के 24वें सीएम बने Samrat Choudhary, 75 साल में पहली बार बना BJP का CM

Bihar New CM Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी ने पटना के लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद की शपथ ली है, जिससे राज्य की राजनीति में भाजपा के एक नए युग का उदय हुआ है।
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सम्राट चौधरी (Source: Social Media)
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Samrat Choudhary Oath Ceremony: बिहार के सियासी आंगन में सालों से गठबंधन की छांव में रहकर अपनी जमीन तैयार करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने आज वो कर दिखाया है, जो कभी केवल एक सपना सा लगता था। पटना के ऐतिहासिक लोकभवन में आयोजित समारोह में सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर प्रदेश की कमान अपने हाथों में थाम ली है। जहां दो दशकों से अधिक समय तक नीतीश कुमार सत्ता के ध्रुव बने हुए थे। लोकभवन की दीवारों ने आज एक नए संकल्प की गूंज सुनी है, जो आने वाले समय में प्रदेश की दिशा और दशा तय करने वाली है।

सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। यह बिहार की राजनीति में एक ऐसा ऐतिहासिक मोड़ है जिसका इंतजार भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को पिछले कई दशकों से था। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वहां मौजूदगी ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।

राज्यपाल ने दिलाई गोपनीयता की शपथ

शपथ ग्रहण की तैयारियां सुबह से ही जोरों पर थीं। राजभवन से लेकर लोकभवन तक की दूरी को सुरक्षा के अभेद्य घेरे में बदल दिया गया था। जैसे ही सम्राट चौधरी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जयकारों की गूंज ने वातावरण में एक नई ऊर्जा भर दी। राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसके साथ ही वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बन गए। यह भाजपा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य में पहली बार पार्टी अपने नेतृत्व में सरकार चलाने जा रही है।

भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का भव्य राजतिलक

बुधवार की सुबह ठीक 11 बजे पटना के लोकभवन में एक नया इतिहास रचा गया जब राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। बिहार के सियासी सफर में यह पहली बार हुआ है कि भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने में सफल रहा है।

इस खास मौके पर लोकभवन के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा हुआ था और हर तरफ केवल उत्साहपूर्ण नारेबाजी की गूंज सुनाई दे रही थी। मौके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और चिराग पासवान जैसे कई बड़े दिग्गज नेता भी वहां विशेष रूप से उपस्थित थे।

नीतीश के आशीर्वाद और दो डिप्टी सीएम के साथ नई पारी शुरू

शपथ ग्रहण समारोह की सबसे भावुक और चर्चा वाली तस्वीर तब सामने आई जब सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। नीतीश कुमार खुद इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए लोकभवन पहुंचे थे, जो नई सरकार और गठबंधन की एकजुटता का एक बड़ा संदेश दे रहा है। सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड कोटे से दो वरिष्ठ नेताओं, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी उपमुख्यमंत्री के रूप में अपने पद की शपथ ली।

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ये दोनों ही नेता नीतीश कुमार के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं और इनका लंबा प्रशासनिक अनुभव नई सरकार के सुचारू संचालन में काफी मददगार साबित होगा। दिलचस्प बात यह भी है कि आज शपथ लेने वाले इन तीनों ही प्रमुख नेताओं के राजनीतिक जीवन में एक खास समानता रही है कि इन्होंने अपने सफर की शुरुआत अलग-अलग दलों से की थी।

विधानसभा चुनाव के बाद होंगा कैबिनेट विस्तार

फिलहाल इस नई एनडीए सरकार की शुरुआत केवल तीन मंत्रियों के शपथ लेने के साथ हुई है, जबकि अभी कैबिनेट में 33 मंत्रियों की जगह खाली रखी गई है। सम्राट चौधरी ने मंगलवार को ही राज्यपाल से मुलाकात करके अपनी सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया था, जिसके बाद आज उनके राजतिलक की यह पूरी तैयारी की गई। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा और फिर नए चेहरों को शामिल करके उन्हें विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर

तारापुर से विधायक सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का यह सफर काफी संघर्षपूर्ण और रोचक रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी, लेकिन वे हम पार्टी और जनता दल यूनाइटेड जैसे दलों का हिस्सा रहने के बाद अंततः भाजपा में आए।

उनके साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले विजय चौधरी ने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, वहीं बिजेंद्र यादव 1990 से लगातार अपनी राजनीतिक पैठ बनाए हुए हैं। बिजेंद्र यादव ने तो लालू प्रसाद के कार्यकाल में ऊर्जा राज्य मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं और वे 1997 के जनता दल विभाजन के बाद से ही जेडीयू के साथ मजबूती से खड़े रहे। अब इन विविध अनुभवों और अलग-अलग पृष्ठभूमियों वाले नेताओं की यह टीम मिलकर बिहार के भविष्य के लिए काम करेगी।

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