

Bihar Samrat Cabinet Decision: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सम्राट कैबिनेट की बैठक में कुल 27 एजेंडों पर मुहर लगी है। अब राज्य के सरकारी कर्मचारी, अधिकारियों को कैशलेज इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं, रिटायर्ड कर्मी, विधायक, एमएलसी और विधान मंडल के पूर्व सदस्यों एवं उनके आश्रितों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। राज्य में लगभग 3744 करोड़ रुपये की लागत से 5 स्टेट हाईवे का निर्माण और चौड़ीकरण किया जाएगा।
सम्राट कैबिनेट ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 पर भी मुहर लगाई गई है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रैयती भूमि की खरीद के मूल्य निर्धारण के नए नियम तय किए गए हैं।
सम्राट कैबिनेट ने पटना हाईकोर्ट के जजों के लिए 10 नई इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड गाड़ियों की खरीद को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 3.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने हाल ही में ईवी को बढ़ावा देने पर जोर दिया था। इसके अलावा पूर्णिया, भागलपुर, और गया में एनडीपीएस एक्ट के मामलों की तत्काल सुनवाई के लिए एक-एक एक्सक्लुसिव स्पेशल कोर्ट का गठन किया जाएगा। दरभंगा के बेनीपुर में सेशन कोर्ट खुलेगा। मधुबनी में भी अतिरिक्त कोर्ट खोला जाएगा।
कैबिनेट बैठक में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में 112 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। लघु जल संसधान विभाग भूगर्भ शास्त्री संवर्ग भर्ती एवं सेवा नियमावली 2026 को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, पंचायतों में सभी सरकारी नलकूपों की मरम्मत, संचालन और रख-रखाव का काम लघु जल संसाधन विभाग करेगा। इस पर मंत्रिमंडल की मुहर लग गई है। बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना के लिए 102.98 करोड़ का बजट जारी किया गया है।
बिहार विधान मंडल के वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों, उनके आश्रितों, अखिल भारतीय सेवा के सेवारत एवं रिटायर्ड अफसर, उनके आश्रित, राज्य सरकार के नियमित पदाधिकारी, कर्मी, उनके आश्रित, रिटायर्ड पेंशनधारी राज्य कर्मी (पति-पत्नी) और पारिवारिक पेंशनर को बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।