राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर बरसे बिहार के डिप्टी सीएम, बोले- ड्रामेबाज लोग...

जैसे-जैसे बिहार में चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बयानबाजी और राजनीतिक हमले तेज होते जा रहे हैं। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और एनडीए नेताओं के बीच जुबानी जंग बिहार की सियासत को और गर्मा रही है।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर बरसे बिहार के डिप्टी सीएम, बोले- ड्रामेबाज लोग...
बिहार डिप्टी सीएम, विजय कुमार सिन्हा, फोटो - सोशल मीडिया
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पटना : बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने 16 मई को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें अराजकता के प्रतीक और ड्रामेबाज लोग करार दिया। डिप्टी सीएम सिन्हा ने इन दोनों नेताओं पर संविधान और लोकतंत्र की अवहेलना का आरोप लगाया और कहा कि ये लोग केवल राजनीतिक ड्रामा करके वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष और बिहार के नेता प्रतिपक्ष दोनों अराजकता के प्रतीक हैं। न तो इन्हें लोकतंत्र पर विश्वास है, न ही संविधान के नियमों का पालन करते हैं। ये लोग अभिनेता बनने के चक्कर में संविधान का मजाक बनाते हैं।

डिप्टी सीएम ने राहुल गांधी के हालिया दरभंगा दौरे पर भी सवाल उठाया, जहां उन्होंने बिना अनुमति के अंबेडकर हॉस्टल में छात्रों को संबोधित किया। इस मामले में जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।

क्या गांधी पहुंचे थे दरभंगा

राहुल गांधी ने दरभंगा में जातीय जनगणना, आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे उठाए और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनदबाव में जातीय जनगणना की घोषणा करनी पड़ी। उन्होंने निजी संस्थानों में भी आरक्षण लागू करने की मांग की।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, "राहुल गांधी यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं कि एक गरीब चायवाले का बेटा, नरेंद्र मोदी देश का प्रधानमंत्री बना। इसलिए वे ये सारा ड्रामा कर रहे हैं।" गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि राहुल को अपने पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी से पूछना चाहिए था कि उन्होंने अपने शासनकाल में निजी क्षेत्र में आरक्षण क्यों नहीं लागू किया। उन्होंने कहा कि अब मगरमच्छ के आंसू बहाने से कुछ नहीं होगा, देश की जनता सब जानती है।

बिहार में चुनावी माहौल गरम

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच होने हैं। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) जिसमें जेडीयू और बीजेपी शामिल हैं, का मुकाबला महागठबंधन से होगा, जिसमें राजद, कांग्रेस और वाम दल शामिल हैं। 30 अप्रैल को केंद्र द्वारा जातीय जनगणना की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। सभी दल अब अपनी रणनीति दोबारा तय करने में जुटे हैं।

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