

Bharat Tiwari Encounter Asha Devi Strike Postponed: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में न्याय की मांग को लेकर उनकी मां आशा देवी की अनिश्तिकालीन भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। 09 जुलाई से आशा देवी ने अपनी भूख हड़ताल की शुरुआत की थी, लेकिन अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। आशा देवी की तबियत खराब होने के कारण उनकी भूख हड़ताल को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
भरत भूषण तिवारी की मां की बिगड़ती सेहत को देखते हुए परिवार ने अपनी भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी पल्स रेट में उतार-चढ़ाव और ब्लड प्रेशर (BP) में गिरावट देखी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मानसिक तनाव के कारण उनकी हालत बिगड़ गई है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अब आशा देवी की स्थिति को देखते हुए 20 जुलाई के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि 20 जुलाई तक उनकी हालात पर नजर रखी जाएगी। उनकी तबियत में सुधार होने के बाद हड़ताल की शुरुआत की जा सकती है। लगभग एक हफ्ते पहले आशा देवी और उनके परिवार ने न्याय न मिलने को लेकर नाराजगी जाहिए की थी और मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होने को लेकर आपत्ति जताई थी।
उन्होंने न्याय न मिलने को लेकर 9 जुलाई से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर बैठने की घोषणा की थी। हालांकि, अनशन के पहले दिन ही उनकी तबियत खराब हो गई। अनशन तो फिलहाल के लिए रोक दिया गया है, लेकिन उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। आशा देवी के स्वस्थ होते ही आंदोलन की अगली रूपरेखा की घोषणा की जाएगी।
पुलिस एनकाउंटर में कथित तौर पर मारे गए बिलौटी गांव के निवासी भरत भूषण तिवारी के मामले की न्यायिक जांच में तेजी आई है। न्यायिक जांच आयोग के निर्देशों पर अमल करते हुए, जगदीशपुर के SDPO पंकज कुमार मिश्र ने बुधवार को छह गवाहों को समन जारी किया।
SDPO ने बताया कि समन किए गए छह लोगों में से चार बिलौटी गांव के निवासी हैं और दो जवैनिया गांव के हैं। जवैनिया के दो गवाह अभी पुनर्वास टाउनशिप में रह रहे हैं। सभी गवाहों को आयोग के सामने पेश होने और घटना के बारे में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।