

Bharat Tiwari Encounter Controversy: बिहार में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सियासत तेज हो गई है। बिहार से आगे बढ़कर पड़ोसी राज्य झारखंड में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा इस मामले पर बिहार की एनडीए सरकार पर हमलावर है। वहीं, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष से भी आवाज उठने लगी है। नेताओं द्वारा लगातार पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मामला बढ़ता देख बिहार सरकार पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ रहा है। भरत के एनकाउंटर से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद मामले में अब नया मोड़ आ गया है। वायरल वीडियो के आधार बनाकर लोग, पुलिस की कार्रवाई की वैधता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
JD(U) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो वीडियो सामने आया है और हमने जो देखा है, उससे निश्चित रूप से पूरी स्थिति पर संदेह पैदा होता है। बिहार सरकार ने चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करके तुरंत कार्रवाई की है, लेकिन यह काफी नहीं है। मेरा मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की एक तय समय-सीमा के भीतर जांच करनी चाहिए, न कि ऐसी जांच जो अनिश्चित काल तक चलती रहे, और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जहां तक सरकार की बात है, तो मैं बस इतना कह सकता हूं कि जब सरकार कहती है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, तो यह बात सभी पर लागू होनी चाहिए। अगर कोई पुलिसकर्मी भी अपराध करता है, तो उसे भी नहीं बख्शा जाना चाहिए। उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर पर बीजेपी सांसद प्रदीप कुमार सिंह कहते हैं, अपराधी बच नहीं सकते और आरोप सही हैं या गलत, यह जांच का विषय है। बिहार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में चल रहा है और अपराधियों के पास राज्य से भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।