

Highlights:
आरा में सुबह-सुबह रिटायर्ड कस्टम अफसर की गोली मारकर हत्या।
मॉर्निंग वॉक पर निकले रामकुमार सिंह को अपराधियों ने गोलियों से भूना
रामकुमार सिंह क्षत्रिय कल्याण संगठन के भोजपुर जिला अध्यक्ष भी थे
एसपी ने अपराधियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया
Murder In Arrah: बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। गुरुवार, 15 अक्टूबर की सुबह आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी के मर्डर की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। दरअसल, मॉर्निंग वॉक पर निकले राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उन्हें घर के पास ही मौत के घाट उतार दिया।
वारदात के दौरान उनका बेटा कार में बैठा था. गोलीबारी की घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राम कुमार सिंह को आरा सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के रहने राम कुमार सिंह 2015 में भागलपुर से कस्टम विभाग के सीनियर अफसर के पद से रिटायर हुए थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह रोज मॉर्निंग वॉक पर निकलते थे साथ में उनका बेटा भी रहता था। रमना मैदान में टहलने के लिए जाने के दौरान अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। आज सुबह मृतक जैसे ही कार निकालकर बाहर आए थे। और गैरेज का गेट बंद करने लगे, तभी तीन हथियारबंद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने हत्या की सूचना पाकर घटनास्थल का मुआयना किया। और मृतक के परिजनों से इस संबंध में बातचीत की। घटना को लेकर एसपी ने कहा कि मैंने घटनास्थल का मुआयना किया और उनकी पत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्यों से बात की। अब तक जो मुख्य कारण सामने आया है, वह जमीन का एक विवाद है। इसे लेकर काफी समय से झगड़ा चल रहा था और परिवार ने अलग-अलग अधिकारियों के पास आवेदन भी दिए थे। जमीन से जुड़ा एक और विवाद भी है, जिसमें वे और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं।
एसपी ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जल्द से जल्द गिरफ्तारियां करेंगे। जिन पुलिस अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के अनुसार, राम कुमार सिंह को करीब छह से आठ गोलियां मारी गईं। गोलियां उनके सीने, पेट और गर्दन के पास लगीं है। घटना के वक्त बेटा कार में बैठा था। इसी वजह से उसकी जान बच गई।
राम कुमार सिंह के बेटे ने पुलिस को बताया कि सिंगही मोड़ के पास उनके पिता ने उसके लिए 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी। इसके बाद कुछ जमीन माफिया जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई। बेटे का दावा है कि पहले भी उनके पिता पर जानलेवा हमले हो चुके हैं।
हत्या की घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।