अनंत सिंह, (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिहार की सियासत में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर मोकामा विधायक अनंत सिंह की बेऊर जेल से रिहाई हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोमवार को दोपहर 2 बजे के बाद उन्हें जेल से छोड़ा गया। जेल से बाहर आते ही अनंत सिंह के समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। जैसे ही वह अपने घर पहुंचे, समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया और जमकर आतिशबाजी की। पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया और समर्थक खुशी में झूमते नजर आए।
अनंत सिंह की रिहाई की खबर मिलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए थे। कई लोग पहले से ही उनके घर के बाहर मौजूद थे और उनके आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही वह पहुंचे, लोगों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया और खुशियां मनाईं।
पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मोकामा विधायक जेल से बाहर आए हैं। रिहाई के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में दुलारचंद यादव हत्याकांड के बारे में बात करते हुए कहा कि वह निर्दोष हैं और उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के समय वह करीब चार किलोमीटर दूर थे। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मोकामा के टाल क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुई झड़प में दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी।
बताया जा रहा है कि इस मामले में उन्हें पटना हाई कोर्ट से राहत मिली है, जिसके बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी। अनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक बड़ा नाम माने जाते हैं और उन्हें छोटे सरकार के नाम से भी जाना जाता है। उनकी रिहाई के बाद अब एक बार फिर उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल उनके समर्थकों में खुशी का माहौल बना हुआ है।
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बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद झोड़ते ही अनंत सिंह राजनीति से संन्यास ले सकते हैं। हाल ही में उन्होंने ऐसा बयान दिया था। गौरतलब है कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और जल्द ही वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अनंत सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार के कहने पर ही मैं राजनीति में आया था। अगर वह बिहार की राजनीति छोड़ देंगे तो मैं भी राजनीति से खुद को अलग कर लूंगा।