

Tata Motors Production: भारतीय कार बाजार में मांग बढ़ने के बीच Tata Motors पैसेंजर व्हीकल्स का प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने अपने सप्लायरों से मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने को कहा है ताकि अगले वित्त वर्ष यानी FY28 से हर महीने 1 लाख पैसेंजर व्हीकल्स तक का उत्पादन किया जा सके। वहीं यह कदम ऐसे समय में आया है जब कंपनी की कारों की मांग मौजूदा सप्लाई क्षमता से आगे बनी हुई है।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि Tata Motors पिछले करीब तीन महीनों से लगभग 75,000 पैसेंजर व्हीकल्स प्रतिमाह का प्रोडक्शन शेड्यूल कर रही है। लेकिन सप्लायरों की सीमित क्षमता के कारण कंपनी इस स्तर पर भी पूरी तरह उत्पादन नहीं कर पा रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनी की मांग मौजूदा बिक्री से करीब 7,000 से 8,000 यूनिट ज्यादा है।
वहीं FY27 की पहली छमाही में Tata Motors Passenger Vehicles की औसत मासिक बिक्री करीब 65,000 यूनिट रही। ऐसे में 1 लाख यूनिट का मासिक प्रोडक्शन मौजूदा औसत बिक्री से 50% से ज्यादा होगा। जिससे कंपनी ने सितंबर में पुणे में हुई सप्लायर कॉन्फ्रेंस में क्षमता विस्तार की योजना भी साझा की थी।
Tata Motors FY27 से FY31 के बीच अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार में ₹37,500 करोड़ से ₹40,000 करोड़ तक निवेश करने की योजना पर काम कर रही है। ऐसे में कंपनी का लक्ष्य FY31 तक भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में 20% हिस्सेदारी हासिल करना और सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेचने का है। वहीं कंपनी की यह रणनीति सिर्फ उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। नए मॉडल, मौजूदा कारों के अपडेट और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर भी जोर दिया जा रहा है।
Tata Motors ने FY31 तक अपने पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो को बड़ा करने की योजना बनाई है। कंपनी के रोडमैप में नए ICE और EV मॉडल शामिल हैं। Avinya प्रीमियम इलेक्ट्रिक ब्रांड भी इसी रणनीति का हिस्सा है और इसकी पहली कार के 2027 में आने की रिपोर्ट है। वहीं नई जेनरेशन Tata Nexon को लेकर 2027 लॉन्च की रिपोर्ट सामने आई है लेकिन कंपनी ने अभी इसकी लॉन्च टाइमलाइन और तकनीकी जानकारी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे रिपोर्टेड डेवलपमेंट के तौर पर ही देखना बेहतर है।
Tata Motors के मुताबिक, भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार FY26 के करीब 47 लाख यूनिट से बढ़कर FY31 तक लगभग 64 लाख यूनिट हो सकता है। ऐसे में कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना को आने वाले वर्षों की संभावित मांग और नए प्रोडक्ट्स के विस्तार से जोड़कर देखा जा सकता है। लेकिन Tata Motors ने उत्पादन और सप्लायर क्षमता से जुड़े कुछ खास आंकड़ों पर टिप्पणी नहीं की है। इसलिए 1 लाख यूनिट का आंकड़ा फिलहाल कंपनी की नियोजित क्षमता से जुड़ी रिपोर्टेड जानकारी है न कि मौजूदा नियमित उत्पादन स्तर।