

Electric Vehicle Fine: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकार भी Ministry of Road Transport and Highways के जरिए EV को बढ़ावा दे रही है ताकि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हो सके। लेकिन इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है।
यह घटना राजस्थान के नागौर की है, जहां एक Tata Tiago EV को पुलिस ने रोक लिया। जांच के दौरान पाया गया कि कार मालिक के पास PUC (प्रदूषण प्रमाण पत्र) नहीं था। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने 1500 रुपये का चालान काट दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं।
दरअसल, पुलिस ने कार को पहले विंडशील्ड पर लगे सनशेड की वजह से रोका था। इसके लिए 200 रुपये का चालान भी किया गया। लेकिन इसी दौरान बहस बढ़ गई और पुलिसकर्मी ने PUC सर्टिफिकेट न होने पर भी जुर्माना लगा दिया। कार मालिक का कहना था कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए PUC जरूरी नहीं होता, लेकिन अधिकारी ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बहस के दौरान गलती से यह चालान काटा गया और अब इस मामले की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि गलत चालान को सिस्टम से रद्द किया जाएगा।
सवाल यही उठता है कि क्या इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए PUC सर्टिफिकेट जरूरी है? जवाब है नहीं। इलेक्ट्रिक वाहन किसी तरह का धुआं या प्रदूषण नहीं फैलाते, इसलिए इन्हें PUC जांच से छूट दी गई है। Ministry of Road Transport and Highways ने भी साफ किया है कि बैटरी से चलने वाली गाड़ियों को नियमित PUC टेस्ट की जरूरत नहीं होती। PUC नियम सिर्फ पेट्रोल और डीजल वाहनों पर लागू होते हैं, ताकि वे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि नियमों को लेकर जागरूकता अभी भी पूरी तरह नहीं है। अगर आपको सही जानकारी नहीं होगी, तो आप भी ऐसे गलत चालान का शिकार हो सकते हैं।
अगर आप EV खरीदने की सोच रहे हैं या पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं, तो नियमों की सही जानकारी जरूर रखें। इससे आप बेवजह के जुर्माने और परेशानी से बच सकते हैं।