पेट्रोल-डीजल का डर बढ़ा: EV की डिमांड में धमाका, मिलेगे सस्ता विकल्प या आने वाला बड़ा बदलाव?
Electric Vehicle Demand India: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल फ्यूल मार्केट को हिला दिया है। इसलिए भारत में ग्राहकों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल की तरह जा रहा है।
- Written By: सिमरन सिंह
Electric Vehicle (Source. Freepik)
Electric Vehicle Sales Increase: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल फ्यूल मार्केट को हिला दिया है। इसी के चलते भारत में भी कार खरीदने वाले ग्राहकों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल की तरफ बढ़ रहा है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने नई कारों की बिक्री में EV की हिस्सेदारी 3.5% से बढ़कर 5.1% हो गई है। यह बढ़ोतरी साफ संकेत देती है कि लोग अब फ्यूल की अनिश्चितता से बचना चाहते हैं।
फ्यूल की उपलब्धता और कीमतें एक मुद्दा
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश चंद्र ने कहा, “कस्टमर्स को लग रहा है कि फ्यूल की उपलब्धता और कीमतें एक मुद्दा बन सकती हैं”। उन्होंने बताया कि कंपनी में इलेक्ट्रिक कारों की मांग में पिछले महीने 20-30% तक का उछाल आया है, जिसका सीधा कारण पश्चिम एशिया में चल रहा संकट है।
सम्बंधित ख़बरें
भारत में EV का बढ़ेगा दबदबा, अगले साल 12% तक पहुंच सकती है इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी
260KM की रेंज, 114kmph की स्पीड, लॉन्च हुई Avore Electric EX, 799 रुपये में करें बुकिंग, जानिए कीमत और फीचर्स
BS-VI कार और बाइक मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब 3 साल तक नहीं बनवाना पड़ेगा PUC, सरकार ला रही नया नियम
SUV के दौर में Maruti Alto की धमाकेदार वापसी, जून 2026 में बिक्री दोगुनी, छोटी कारों ने फिर बदला ट्रेंड
शोरूम में बदल रही पसंद, EV बन रही पहली चॉइस
JSW MG Motor India के एमडी अनुराग मेहरोत्रा ने भी इस ट्रेंड की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अब ज्यादा ग्राहक शोरूम में आते ही Electric Vehicle को प्राथमिकता दे रहे हैं। “जो लोग अभी तक दुविधा में थे, वे भी अब तेजी से इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं”, मेहरोत्रा ने बताया। मार्च महीने में कंपनी ने EV में ग्राहकों की दिलचस्पी में 26% की बढ़ोतरी दर्ज की।
रजिस्ट्रेशन में 68% की जबरदस्त छलांग
वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन 68% बढ़कर 22,490 यूनिट तक पहुंच गया। हालांकि भारत में अभी फ्यूल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं, लेकिन ग्राहकों को आने वाले समय में बढ़ोतरी का डर सता रहा है, खासकर चुनावों के बाद। यही कारण है कि लोग अभी से Electric Vehicle की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट संकट का बड़ा असर
अमेरिका और इजरायल के हमलों के चलते ईरान के पास स्थित ‘Strait of Hormuz’ में तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह वही मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल और LNG गुजरता है। इस बाधा ने वैश्विक बाजार में तेल-गैस की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर भी पड़ सकता है।
ये भी पढ़े: 1.60 करोड़ में आई नई Range Rover, अब भारत में ही होगी असेंबल, जानें क्या मिलेगा फायदा?
कंपनियों की नई रणनीति, EV पर बड़ा फोकस
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऊर्जा सप्लाई सामान्य होने में सालों लग सकते हैं। ऐसे में कंपनियां EV सेगमेंट में तेजी से निवेश कर रही हैं। JSW MG Motor अपनी न्यू एनर्जी गाड़ियों का पोर्टफोलियो बढ़ाने, प्रोडक्शन क्षमता मजबूत करने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की योजना बना रही है।
क्या मिडिल क्लास के लिए सही फैसला?
मेहरोत्रा के अनुसार, अब EV खरीदना ग्राहकों को एक “जिम्मेदार और आर्थिक रूप से समझदारी भरा फैसला” लगने लगा है। स्पष्ट है कि बढ़ती अनिश्चितता के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियां आने वाले समय में मिडिल क्लास के लिए बड़ा सहारा बन सकती हैं।
