

Hyundai Motor India ने भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। बता दें कि कंपनी ने देश में 8 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारों की बिक्री पूरी कर ली है और अब 2027 तक 10 लाख कनेक्टेड कारों का आंकड़ा छूने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं खास बात यह है कि Hyundai की कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी की पहुंच 2019 में सिर्फ 4 फीसदी थी जो 2026 में बढ़कर यह 20 फीसदी हो गई है। वहीं कंपनी अब अपनी अगली पीढ़ी की कनेक्टेड टेक्नोलॉजी को आने वाली मास-मार्केट इलेक्ट्रिक SUV में भी देने की तैयारी कर रही है।
इस मुकाम को हासिल करने के बाद Hyundai का कहना है कि वह 2030 तक भारत में 20 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारों की बिक्री का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए कंपनी अपने Software Defined Vehicle की रणनीति का विस्तार कर रही है। वही Hyundai के कनेक्टेड इकोसिस्टम में करीब 12 लाख लाइनों का कोड इस्तेमाल होता है जो व्हीकल मॉनिटरिंग, डायग्नोस्टिक्स, रिमोट फंक्शन, सेफ्टी, नेविगेशन और डिजिटल सर्विसेज को सपोर्ट करता है। वहीं कंपनी ने 2019 में Venue के साथ भारत में Bluelink टेक्नोलॉजी पेश की थी। जिसमें Venue देश की पहली ऐसी SUV बनी थी जिसमें कंपनी की ओर से फैक्ट्री-फिटेड कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी दी गई थी।
देखा गया है कि समय के साथ Hyundai Bluelink को कई अपडेट मिले हैं। वहीं मौजूदा सिस्टम में 70 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स मिलते हैं जिन्हें सेफ्टी, सिक्योरिटी और सुविधा जैसी कैटेगरी में बांटा गया है। वहीं इनमें रिमोट व्हीकल मॉनिटरिंग, व्हीकल हेल्थ डायग्नोस्टिक्स, लोकेशन ट्रैकिंग, ट्रिप हिस्ट्री, रिमोट कमांड, Hyundai Pay, Digital Key, Digital Passport और Remote Immobilizer जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा सिस्टम पांच भाषाओं में 450 से ज्यादा AI-पावर्ड वॉयस कमांड को सपोर्ट करता है।
Hyundai ने अपनी कनेक्टेड टेक्नोलॉजी को लगातार अपग्रेड किया है। वहीं i20 में 2020 में OTA मैप अपडेट आया था जबकि 2022 में नेक्स्ट-जेन AVNT सिस्टम पेश किया गया है। इसके बाद 2025 में Connected Car Navigation Cockpit आया जिसमें Controller OTA अपडेट की सुविधा भी शामिल है। वहीं अब कंपनी की आने वाली मास-मार्केट इलेक्ट्रिक SUV जिसे इसी वित्त वर्ष लॉन्च किया जाना है, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी के मामले में नया कदम उठाएगी। इसको लेकर Hyundai ने पुष्टि की है कि इस इलेक्ट्रिक मॉडल के सभी वेरिएंट में नेक्स्ट-जेन कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी स्टैंडर्ड तौर पर मिलेगी। इससे कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सॉफ्टवेयर को एक साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
Hyundai ने बताया है कि Bluelink सिस्टम ने SOS और रोडसाइड असिस्टेंस के जरिए 5 लाख से ज्यादा मोटरिस्ट्स की मदद की है। करीब 15,000 क्रैश नोटिफिकेशन इंटरवेंशन भी सपोर्ट किए गए हैं। वहीं वाहन की ट्रेसिंग और रिकवरी से जुड़े मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी मदद मिली है।
वहीं इसको लेकर Tarun Garg MD & CEO, HMIL ने कहा, “कनेक्टेड गाड़ियों का बढ़ता इस्तेमाल ग्राहकों की बदलती उम्मीदों और मोबिलिटी को आकार देने में टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका को दिखाता है। 2027 तक 10 लाख कनेक्टेड कारों की बिक्री के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, हम सॉफ्टवेयर-बेस्ड मोबिलिटी को आगे बढ़ाने और अपने पोर्टफोलियो में कनेक्टेड टेक्नोलॉजी का दायरा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”