

Car Driving in Rain: भारत में मानसून दस्तक दे चुका है और कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश जहां गर्मी से राहत देती है वहीं ड्राइविंग करने वालों के लिए यह मौसम अतिरिक्त सावधानी की मांग करता है। गीली सड़क, कम विजिबिलिटी और जगह-जगह जलभराव के कारण सामान्य ड्राइविंग भी जोखिम भरी हो सकती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही न सिर्फ आपकी कार को नुकसान पहुंचा सकती है बल्कि हादसे का कारण भी बन सकती है।
बता दें कि बारिश के दौरान सड़क पर पानी की परत बन जाती है जिससे टायरों की सड़क पर पकड़ कम हो सकती है। ऐसे में तेज स्पीड पर अचानक ब्रेक लगाने या मोड़ लेने पर कार के फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मानसून में हमेशा कम और नियंत्रित स्पीड पर गाड़ी चलाएं। आगे चल रहे वाहन से सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा दूरी रखना भी जरूरी है ताकि अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में आपके पास पर्याप्त समय हो।
देखा जाता है कि बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरना आम समस्या है। लेकिन सिर्फ पानी देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल होता है कि सड़क के नीचे गड्ढा कितना गहरा है। ज्यादा पानी में कार ले जाने से पानी इंजन या दूसरे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रिकल हिस्सों तक पहुंच सकता है और भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए ऐसी सड़क चुनें जहां पानी कम हो। अगर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं है, तो जोखिम लेने के बजाय दूसरा रास्ता चुनना ज्यादा समझदारी है।
बारिश में आसमान में बादल छाने के कारण दिन में भी रोशनी कम हो सकती है। तेज बारिश के दौरान विजिबिलिटी और ज्यादा घट जाती है। ऐसे में कार की हेडलाइट चालू रखने से आपकी कार दूसरे ड्राइवरों को आसानी से दिखाई दे सकती है। लेन बदलते या मुड़ते समय इंडिकेटर का इस्तेमाल जरूर करें। साथ ही दिशा बदलने से पहले मिरर और आसपास के ट्रैफिक को अच्छी तरह देख लें।
मानसून में टायर कार की सुरक्षा में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। घिसे हुए टायरों की गीली सड़क पर ग्रिप कम हो सकती है जिससे ब्रेकिंग और कंट्रोल प्रभावित होता है। बारिश के मौसम से पहले टायरों की ट्रेड डेप्थ, एयर प्रेशर और ओवरऑल कंडीशन जरूर चेक करवाएं। अगर टायर काफी घिस चुके हैं तो उन्हें समय पर बदलना बेहतर है। सही स्पीड, अच्छी ग्रिप और सावधानी के साथ मानसून ड्राइव को काफी सुरक्षित बनाया जा सकता है।