

Fine For Driving Without Car Insurance: आप भी अपनी कार को लेकर रोज सड़क पर निकलते हैं तो ड्राइविंग लाइसेंस, RC और प्रदूषण प्रमाणपत्र के साथ कार इंश्योरेंस की वैधता भी जरूर चेक करते रहे। क्योंकि देश में ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती बढ़ रही है और बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के गाड़ी चलाना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। इतना ही नहीं नियम तोड़ने पर जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान भी है।
जानकारी के लिए बता दें कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सार्वजनिक सड़क पर बिना वैध इंश्योरेंस वाहन चलाना अपराध है। दिए गए नियमों में बताया गया है कि पहली बार बिना इंश्योरेंस कार चलाते पकड़े जाने पर 2,000 रुपए तक का जुर्माना या 3 महीने तक की जेल हो सकती है। कुछ मामलों में कोर्ट जुर्माना और जेल दोनों की सजा भी दे सकता है। वहीं अगर यही गलती दोबारा होती है तो जुर्माना बढ़कर 4,000 रुपए हो सकता है। इसके साथ 3 महीने तक की जेल का प्रावधान भी लागू रह सकता है। इसलिए इंश्योरेंस की एक्सपायरी डेट को नजरअंदाज करना आपके लिए महंगा साबित हो सकता है।
देखा जाता था कि पहले ट्रैफिक पुलिस दस्तावेजों की जांच के लिए वाहन रोकती थी लेकिन अब कई शहरों में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ गया है। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे (ANPR) और ई-चालान सिस्टम के जरिए वाहनों की जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड से मिलाई जा सकती है। ऐसे में अगर वाहन का इंश्योरेंस वैध नहीं पाया जाता है तो कार्रवाई डिजिटल तरीके से भी हो सकती है। जिसकी सीधा मतलब है कि जरूरी नहीं कि पुलिस आपको सड़क पर रोककर ही चालान करे।
इस तरह के मामले में यह भी बताया जाता है कि बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाने का सबसे बड़ा जोखिम सिर्फ चालान नहीं है। अगर आपकी कार से किसी व्यक्ति, दूसरी गाड़ी या संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो थर्ड-पार्टी नुकसान की कानूनी भरपाई का बोझ आप पर आ सकता है। वहीं मुआवजे की रकम परिस्थितियों के अनुसार काफी बड़ी भी हो सकती है। इसके अलावा अपनी कार को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी इंश्योरेंस पॉलिसी न होने पर आपको खुद खर्च उठाना पड़ सकता है।
देखा गया है कि इंश्योरेंस लैप्स होने का असर आगे मिलने वाले No Claim Bonus (NCB) पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक पॉलिसी रिन्यू न कराने पर जमा हुआ NCB लाभ प्रभावित हो सकता है और नई पॉलिसी लेते समय प्रीमियम ज्यादा पड़ सकता है। इसलिए बेहतर है कि इंश्योरेंस की एक्सपायरी से पहले ही उसे रिन्यू करा लें। पॉलिसी की डिजिटल कॉपी DigiLocker या फोन में सुरक्षित रखना भी उपयोगी है ताकि जरूरत पड़ने पर दस्तावेज तुरंत दिखाए जा सकें।