EV कारें क्यों होती हैं इतनी भारी? जानिए फायदा है या नुकसान, परफॉरमेंस पर होता है असर

EV Cars India: इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। आज लगभग हर बड़ी ऑटो कंपनी बैटरी से चलने वाली गाड़ियां बाजार में उतार रही है। लेकिन क्या आपको पता है कि EV आम कारों से ज्यादा भारी होती है।
EV Cars So Heavy an Advantage or a Disadvantage
Electric Vehicle (Source. Freepik)
Published on
Updated on

EV Weight: पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। आज लगभग हर बड़ी ऑटो कंपनी बैटरी से चलने वाली गाड़ियां बाजार में उतार रही है। लेकिन इसके साथ एक सवाल हर आम खरीदार के मन में आता है आखिर EV कारें पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से इतनी भारी क्यों होती हैं? और क्या यह वजन आपके लिए नुकसान है या फायदा?

बैटरी बनी सबसे बड़ी वजह

EVs के ज्यादा वजन की सबसे बड़ी वजह उनका बैटरी पैक होता है। इन गाड़ियों में हाई-एनर्जी लिथियम-आयन बैटरियां लगाई जाती हैं, जो काफी भारी होती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50 kWh की LFP बैटरी का वजन करीब 300 से 500 किलोग्राम तक हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, इलेक्ट्रिक Hyundai Creta का वजन करीब 1,577 किलोग्राम है, जो इसके पेट्रोल या डीजल वर्जन से लगभग 35% ज्यादा है। वहीं Carens Clavis EV भी अपने ICE वर्जन की तुलना में करीब 40% भारी बताई जा रही है।

ऐसे वजन कम करने की कोशिश कर रहीं कंपनियां

ऑटो कंपनियां अब इस अतिरिक्त वजन को कम करने के लिए नई तकनीकों पर काम कर रही हैं। पारंपरिक लोहे और स्टील की जगह हल्के और मजबूत मटेरियल का इस्तेमाल बढ़ रहा है। प्लास्टिक और ग्लास फाइबर से बने कंपोजिट मटेरियल अब तेजी से इस्तेमाल हो रहे हैं, जो हल्के होने के साथ-साथ टिकाऊ भी होते हैं। इसके अलावा, गाड़ियों में हल्के ऑडियो सिस्टम और स्पीकर्स लगाए जा रहे हैं, जिससे कुल वजन कम होता है और ड्राइविंग रेंज बेहतर होती है।

नुकसान भी, लेकिन फायदे सुनकर टेंशन खत्म

EVs का ज्यादा वजन कुछ चुनौतियां भी लाता है। जैसे ब्रेकिंग दूरी थोड़ी बढ़ जाती है, टायर जल्दी घिस सकते हैं और हैंडलिंग थोड़ी कम फुर्तीली महसूस हो सकती है। लेकिन इसके फायदे भी कम नहीं हैं। भारी बैटरी गाड़ी की ग्रिप को मजबूत बनाती है, जिससे सड़क पर पकड़ बेहतर होती है। साथ ही बैटरी नीचे लगी होती है, जिससे गाड़ी का सेंटर ऑफ ग्रैविटी नीचे रहता है इससे गाड़ी ज्यादा स्थिर रहती है और पलटने का खतरा कम होता है।

सेफ्टी और एफिशिएंसी में भी आगे

EVs में मिलने वाला रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम ऊर्जा को वापस बैटरी में स्टोर करता है, जिससे एफिशिएंसी बढ़ती है। साथ ही, भारी गाड़ियां एक्सीडेंट के समय यात्रियों को बेहतर सुरक्षा देती हैं।

क्या आम लोगों के लिए सही है EV?

कुल मिलाकर, कंपनियां EVs का वजन कम करने की कोशिश जरूर कर रही हैं, लेकिन मौजूदा समय में यह अतिरिक्त वजन कई मामलों में फायदे भी देता है खासकर उन गाड़ियों में जो आम लोगों के लिए डिजाइन की जा रही हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com