E20 पेट्रोल ने बढ़ाई कार और बाइक मालिकों की टेंशन, आधे लोगों ने कहा माइलेज हुआ कम, इंजन भी पड़ सकता है महंगा

E20 Petrol को लेकर अब वाहन मालिकों की चिंता बढ़ने लगी है। बता दें कि एक नए सर्वे में बड़ा खुलासा किया गया है कि 2022 या उससे पहले खरीदे गए पेट्रोल वाहनों में माइलेज घटने और इंजन में समस्या आई है।
E20 Petrol Sparks Anxiety Among Car and Bike Owners Reduced Mileage
E20 Petrol (Source. Freepik)
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E20 Petrol Mileage Drop: हाल के समय में देशभर में लागू किए गए E20 पेट्रोल को लेकर अब वाहन मालिकों की चिंता बढ़ने लगी है। बता दें कि एक नए सर्वे में बड़ा खुलासा किया गया है कि 2022 या उससे पहले खरीदे गए पेट्रोल वाहनों में माइलेज घटने और इंजन से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही है। जानकारी के लिए बता दें कि LocalCircles के सर्वे के मुताबिक करीब आधे पेट्रोल वाहन मालिकों ने माना कि पिछले 9 महीनों में उनकी गाड़ी की फ्यूल एफिशिएंसी कम हुई है।

इसके साथ ही यह सर्वे देश के 301 जिलों में किया गया जिसमें 50 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों ने हिस्सा लिया था। जिसके अदंर छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक के लोग शामिल हुए थे। वहीं बता दें कि रिपोर्ट ने खासतौर पर पुराने दोपहिया और बजट कार मालिकों की चिंता को सामने रखा है।

क्या है E20 पेट्रोल और क्यों हो रही परेशानी?

E20 पेट्रोल के बारे में बताए तो इसमें 20% एथेनॉल और 80% सामान्य पेट्रोल मिलाया जाता है। जिसका इस्तेमाल सरकार प्रदूषण को कम करने और तेल आयात पर निर्भरता घटाने के लिए कर रही है। लेकिन देखा यह भी गया है कि ज्यादातर पुराने वाहन E5 या E10 ब्लेंड के हिसाब से डिजाइन हुए है। जिस कारण से कई यूजर्स अब इंजन में ज्यादा गर्मी, कंपन, रफ आइडलिंग और स्टार्टिंग में दिक्कत आने की शिकायत कर रहे हैं। इसके लिए जो सर्वे किया गया उसमें 29% लोगों ने माना कि उनकी गाड़ी में इंजन, फ्यूल लाइन, टैंक या कार्बोरेटर से जुड़ी असामान्य टूट-फूट देखने को मिली है।

माइलेज कम होने से बढ़ा खर्च

LocalCircles ने अपनी रिपोर् में बताया है कि आधिकारिक अनुमान E20 पेट्रोल से माइलेज 1% से 6% तक घट रहा है यह दिखाते है लेकिन कई वाहन मालिकों का दावा है कि असली नुकसान इससे कहीं ज्यादा हुआ है। जिसमें खासकर ट्रैफिक और भीड़भाड़ वाले शहरों में गाड़ियों का एवरेज तेजी से गिरना शामिल है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए जो पहले से ही बढ़ती जीवन-यापन की लागत का सामना कर रहे हैं। माइलेज में ज़रा सी भी कमी का मतलब है महीने के ईंधन खर्च में साफ़ तौर पर बढ़ोतरी। जिससे यह बदलाव सीधे जेब पर असर डाल सकता है। क्योंकि अब ज्यादातर जगहों पर E20 ही डिफॉल्ट पेट्रोल लाए जा रहे है।

पुराने वाहनों पर पड़ सकता है लंबा असर

ऑटो एक्सपर्ट्स इस सर्वे को देखने के बाद बताते है कि एथेनॉल नमी को जल्दी सोखता है और इसकी केमिकल प्रकृति पारंपरिक पेट्रोल से अलग होती है। जो पुराने वाहनों के रबर पार्ट्स, सील, गैस्केट और फ्यूल लाइन पर असर डाल सकती है। वहीं सोशल मीडिया पर भी देका गया कि कई लोगों ने शिकायत की है जिसमें गर्मियों के दौरान इंजन ओवरहीटिंग की समस्या को दिखाया गया है। जिसके बाद से ही लाखों वाहन मालिक अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आने वाले समय में मेंटेनेंस और रिपेयर का खर्च और ज्यादा बढ़ तो नहीं जाएगा।

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