दिल्ली में E-Rickshaw पर बड़ा एक्शन, 15 मई से लागू होंगे नए नियम, अब नहीं चलेगी मनमानी

E-Rickshaw New Rules: दिल्ली रोजगार का शहर है और इसकी सड़कों पर दौड़ते ई-रिक्शा लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। ऐसे में अब इनको लेकर 15 मई से नई नियम लागू किए जा रहे है।
E-Rickshaw New Rules Take Effect from May 15
E Rickshaw (Source. Social Media)
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E-Rickshaw New Rules For Delhi Traffic: दिल्ली रोजगार का शहर है और इसकी सड़कों पर दौड़ते ई-रिक्शा लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। चाहें आपको मेट्रो स्टेशन से घर तक पहुंचना हो या बाजार जाना, कम किराए की वजह से लोग ई-रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा को लेकर कई बड़े बदलाव होने वाले है।

दिल्ली सरकार ने बढ़ते ट्रैफिक जाम, अवैध ई-रिक्शा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए 15 मई से नई E-Rickshaw Policy को लागू करने का फैसला लिया है। इस नई पॉलिसी के बारें में बताए तो इसका सीधा असर लाखों ड्राइवरों और यात्रियों पर देखने को मिलेगा।

एक व्यक्ति, एक E-Rickshaw नियम से मचेगी हलचल

बता दें कि जो नई पॉलिसी 15 मई से लागू होगी उसमें एक ड्राइविंग लाइसेंस पर सिर्फ एक ई-रिक्शा रजिस्टर किया जा सकेगा। जिसका सीधा मतलब है कि अब कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर कई सारे ई-रिक्शा खरीदकर किराए पर नहीं चलवा सकता। इस नए नियम पर दिल्ली के परिवहन मंत्री Pankaj Singh का कहना है कि इस कदम का मकसद अवैध ई-रिक्शा पर रोक लगाना और सड़कों पर बढ़ती भीड़ को कम करना है। अब तक हो ये रहा था कि लोग दर्जनों ई-रिक्शा अपने नाम पर रजिस्टर करते थे और उसको किराए पर दें देते थे। जिससे नियमों का पालन करना मुश्किल होता जा रहा था। वहीं सरकार का मानना है कि एक व्यक्ति, एक ई-रिक्शा मॉडल से यह साफ हो सकेगा कि कौन-से वाहन वैध हैं और कौन अवैध।

फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना नहीं चलेगा रिक्शा

इस नई पॉलिसी में फिटनेस सर्टिफिकेट को भी अनिवार्य कर दिया गया है। जिसका मतलब है कि किसी भी ई-रिक्शा को सड़क पर उतरने से पहले उसकी तकनीकी जांच करना जरूरी होगा। इस नियम से सरकार मानना है कि कई पुराने और खराब हालत वाले ई-रिक्शा को सड़कों से हटाया जा सकेगा जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकती है। इस फिटनेस टेस्ट के जरिए सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहन सड़क पर चलने लायक है और इसमें किसी तरह की परेशानी नहीं है।

10 दिन की ट्रेनिंग भी होगी जरूरी

नियमों की लिस्ट में यह भी जोड़ा गया है कि अब नया ई-रिक्शा रजिस्टर कराने से पहले ड्राइवरों को ट्रांसपोर्ट विभाग से 10 दिन की ट्रेनिंग भी लेनी पड़ेगी। जिससे उनको ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा और यात्रियों के साथ व्यवहार करने के तरीके के बारे में बताया जा सकें। इस पहल से सरकार का दावा है कि सड़क हादसों कम होगे और यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित भी मिलेगी।

आखिर में बता दें कि इस समय दिल्ली में 2 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड ई-रिक्शा मौजूद हैं। ऐसे में अगर नियमों का सही तरीके से पालन होता है तो राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल पाएगा।

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