CNG कारों ने पेट्रोल वाहनों को दी कड़ी टक्कर, मार्केट शेयर में दिखा बड़ा बदलाव

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी फ्लेक्सी फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों को भारत में बढ़ावा देने की बात कही है। उनका मुख्य फोकस एथेनॉल और पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों पर रहा है।
CNG कारों ने पेट्रोल वाहनों को दी कड़ी टक्कर, मार्केट शेयर में दिखा बड़ा बदलाव
CNG car के लिए क्या कर रही है सरकार। (सौ. Freepik)
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लंबे समय से फ्लेक्सी फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों को भारत में बढ़ावा देने की बात कही है। उनका मुख्य फोकस एथेनॉल और पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों पर रहा है, लेकिन वास्तव में देश में पहले से ही एक प्रकार की फ्लेक्सी फ्यूल कार चलन में है – और वह हैं CNG गाड़ियां। ये गाड़ियां न केवल पेट्रोल की तुलना में अधिक किफायती हैं, बल्कि अब इनका बाजार भी तेजी से फैल रहा है।

क्या हैं CNG कारें और क्यों हैं खास?

CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) से चलने वाली गाड़ियां आज की जरूरत बन चुकी हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब CNG खत्म हो जाए, तो ये वाहन पेट्रोल मोड पर स्विच हो सकते हैं। यही फ्लेक्सी फ्यूल तकनीक का असली उदाहरण है, जिसे देश में पहले से अपनाया जा चुका है।

बढ़ रहा है CNG कारों का दबदबा

“पिछले पांच वर्षों में CNG गाड़ियों का मार्केट शेयर तीन गुना तक बढ़ गया है।” जहां वित्त वर्ष 2019-20 में इनका मार्केट शेयर महज 6.3% था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 19.5% तक पहुंच गया है। दूसरी तरफ, पेट्रोल कारों का शेयर 76.3% से घटकर 57.7% पर आ गया है।

क्या हैं तेजी की वजहें?

बेहतर माइलेज: पेट्रोल कार जहां 1 लीटर में 15–16 किमी का एवरेज देती हैं, वहीं CNG गाड़ियां 25–26 किमी प्रति किलोग्राम तक माइलेज देती हैं।

  • कम कीमतें: बीते कुछ सालों में CNG गाड़ियों और उनकी रेट्रोफिट किट की कीमतों में गिरावट आई है।
  • फैक्ट्री फिट किट: अब लगभग हर ऑटो कंपनी CNG किट को फैक्ट्री से फिट कर रही है।

टाटा मोटर्स की Twin Cylinder टेक्नोलॉजी

Tata Motors ने CNG कारों में बूट स्पेस की समस्या का हल निकालते हुए Twin Cylinder टेक्नोलॉजी शुरू की है। इससे यूजर्स को ज्यादा स्पेस और बेहतर परफॉर्मेंस दोनों मिल रहे हैं।

EV भी बढ़ा रहे हैं रफ्तार

मई 2025 में देश में बिकी कुल कारों में से 4.1% इलेक्ट्रिक कारें थीं। जबकि 2024 में यह आंकड़ा 2.6% था। यानी EV की बिक्री भी अब दोगुनी हो चुकी है, लेकिन अभी भी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से पीछे है।

अलग पहचान

भारत में CNG कारों ने अब अपनी एक अलग पहचान बना ली है। बेहतर माइलेज, कम खर्च और पर्यावरण अनुकूल तकनीक के चलते ये भविष्य की गाड़ियां बनती जा रही हैं।

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