

Diesel SUV Price Hike: भारत के ऑटो बाजार से अब धीरे-धीरे छोटी कारों और सेडान से डीजल इंजन गायब हो रहे हों लेकिन अभी SUV सेगमेंट में इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवर, ऑफ-रोडिंग पसंद करने वाले यूजर्स और दमदार टॉर्क चाहने वाले ग्राहक आज भी डीजल SUV को ही अपने लिए पसंद करते है। जिस कारण से लगातार तीन सालों से डीजल पैसेंजर व्हीकल्स का मार्केट शेयर करीब 18 फीसदी पर स्थिर बना हुआ है। लेकिन अब BS7 उत्सर्जन नियमों की आहट ने ऑटो इंडस्ट्री की टेंशन बढ़ा दी है। बता दें कि एक्सपर्ट्स इसपर कहते है कि आने वाले समय में डीजल गाड़ियों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है जो ग्राहकों पर भारी पड़ेगा।
एक समय पर भारत में डीजल कारों का दबदबा 47 फीसदी तक हो गया था लेकिन अब लोगों की पसंद पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों बन गई है। इन सब के बावजूद लोग अभी भी SUV खरीदारों के लिए डीजल को पहली पसंद मानते है। जिसका कारण साफ है इसमें मिलने वाला बेहतर टॉर्क, लंबी ड्राइविंग रेंज और हाईवे पर शानदार माइलेज। इन्हीं वजहों के कारण Mahindra & Mahindra की Scorpio, Thar और Bolero जैसी डीजल SUVs की मांग लगातार लोगों के बीच बनी हुई है।
Mahindra & Mahindra के लोगों के बीच खास रहने के बाद भी ववह अब केवल एक फ्यूल टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी EV, पेट्रोल और डीजल तीनों सेगमेंट में अपनी मौजूदगी दिका रही है। दूसरी तरफ Mercedes-Benz India के MD और CEO संतोष अय्यर ने कहा कि पिछली तिमाही में उनकी 50 फीसदी से ज्यादा बिक्री डीजल मॉडल्स की हुई थी। इसकी सबसे बड़ी वजह टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप है जिसका मतलब गाड़ी रखने और चलाने की कुल लागत है।
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब लोग डीजल सिर्फ सस्ता फ्यूल होने की वजह से नहीं बल्कि लग्जरी SUV सेगमेंट में दमदार परफॉर्मेंस और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस के लिए चुन रहे है। Jato Dynamics के प्रेसिडेंट रवि भाटिया के मुताबिक, "यह कोई ऐसा ग्राहक नहीं है जो बजट देखकर डीजल चुन रहा हो ताकि वह फ्यूल पर पैसे बचा सके"
इन सब के बीच सबसे बड़ी चिंता BS7 उत्सर्जन मानकों को लेकर है। जानकारी के मुताबिक नए नियम लागू होने के बाद डीजल गाड़ियों की कीमत 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक बढ़ सकती है। जिससे होगा यह की 10 से 20 लाख रुपये वाली SUV खरीदने वाले ग्राहकों को इसके लिए और पैसे देने होगे। ऐसे में सवाल है कि क्या वे महंगी होती डीजल SUVs खरीदना जारी रखेंगे या फिर CNG, Hybrid और EV की तरफ शिफ्ट हो जाएंगे? वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि आने वाले कुछ साल भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए बेहद अहम होने वाले है जो यह तय करेगा कि डीजल SUV का दौर जारी रहेगा या खत्म हो जाएगा।