आने वाले साल में भी हो सकती है कारों की बिक्री कम। (सौ. Freepik)
नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: भारत के ऑटोमोबाइल बाजार की ग्रोथ FY25 में धीमी पड़ गई। वाहन (Vahan) डेटा के अनुसार, इस वित्त वर्ष में वाहन बिक्री सिर्फ 6% बढ़कर 26.1 मिलियन यूनिट्स तक पहुंची, जबकि FY24 में यह वृद्धि 10% थी, जब बिक्री 22.3 मिलियन से 24.6 मिलियन यूनिट्स पर पहुंची थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं:
FY26 में भी यही रुझान जारी रहने की संभावना है, जहां ग्रोथ सिंगल-डिजिट में रहने का अनुमान है। एक उद्योग विशेषज्ञ के अनुसार, “पोस्ट-कोविड के बाद FY24 में बाजार में जबरदस्त उछाल देखा गया था, लेकिन अब आर्थिक सुस्ती की आशंका के चलते उपभोक्ताओं की खरीदारी को लेकर झिझक बढ़ रही है।”
FY25 में यात्री वाहनों (Passenger Vehicles) और थ्री-व्हीलर (3W) सेगमेंट की वृद्धि उद्योग औसत से कम रही:
ऑटोमोबाइल उद्योग की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा टू-व्हीलर (2W) सेगमेंट से आया। इस सेगमेंट ने 7% वृद्धि दर्ज की, जहां बिक्री 17.6 मिलियन से बढ़कर 18.8 मिलियन यूनिट्स हो गई।
यह आंकड़े तेलंगाना और लक्षद्वीप के डेटा को शामिल नहीं करते हैं।
ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया। FY25 में EV बिक्री बढ़कर 1.95 मिलियन यूनिट्स हो गई, जबकि FY24 में यह 1.68 मिलियन यूनिट्स थी। इसके विपरीत, पेट्रोल वाहनों की बिक्री केवल 4% बढ़कर 19.08 मिलियन यूनिट्स पर पहुंची।
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बाजार विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि उपभोक्ता ईंधन-कुशल और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं। “ग्राहक फिलहाल वाहन खरीदने से बच रहे हैं और नए मॉडलों का इंतजार कर रहे हैं, जैसे Honda की इलेक्ट्रिक Activa या Maruti Suzuki की e-Grand Vitara,” एक विशेषज्ञ ने कहा।
वाहन निर्माताओं ने भी नई लॉन्चिंग की गति धीमी कर दी है, क्योंकि वे अब अधिक हरित ईंधन (Green Fuel) विकल्पों की ओर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इससे ग्राहकों में यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले महीनों में बाजार में अधिक नए मॉडल उपलब्ध होंगे।