

Amazon Zoox Robotaxi: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है और अब इसका असर परिवहन क्षेत्र में भी साफ दिखाई देने लगा है। जिसमें Amazon की Autonomous Vehicle कंपनी Zoox ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बता दें कि अमेरिका की National Highway Traffic Safety Administration (NHTSA) ने Zoox की बिना ड्राइवर वाली Robotaxi को सीमित स्तर पर कमर्शियल इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इस फैसले को सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है हालांकि सुरक्षा को लेकर कई सवाल अभी भी बने हुए हैं।
NHTSA ने Amazon की कंपनी Zoox को अपनी अनोखी Robotaxi को सीमित तौर पर कमर्शियल सेवा में उतारने की अनुमति दे दी है। वहीं NHTSA के अधिकारी जोनाथन मॉरिसन नने बताया है कि Zoox अगले दो सालों तक हर साल 2,500 Robotaxi संचालित कर सकेगी। इसकी शुरुआत अमेरिका के लास वेगास शहर से होगी।
वहीं बता दें कि Zoox की Robotaxi पारंपरिक कारों से काफी अलग है। इसका डिजाइन एक इलेक्ट्रिक कैरिज जैसा है जिसमें दोनों तरफ यात्रियों की सीटें आमने-सामने लगी होती हैं। इसमें पारंपरिक स्टीयरिंग व्हील या ड्राइवर सीट नहीं होती और इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।
देखा जा रहा है कि ड्राइवरलेस गाड़ियों को लेकर सबसे बड़ी चिंता उनकी सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर है। इसी वजह से NHTSA ने पहले ही Autonomous वाहन बनाने वाली कंपनियों को संभावित तकनीकी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए थे। पिछले कुछ समय में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जिनमें Robotaxi स्कूल बसों के पास गलत तरीके से गुजरती हुई, निर्माणाधीन क्षेत्रों में प्रवेश करती हुई, पानी से भरी सड़कों पर रुक जाती हुई या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करती हुई देखी गई थीं। ऐसे मामलों ने इस तकनीक की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए जा सकता है।
जानकारी के लिए बता दें कि सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के चलते Zoox को पहले अपनी 105 Robotaxi वापस बुलाकर उनका सॉफ्टवेयर अपडेट करना पड़ा था। अब नई मंजूरी के साथ भी एजेंसी ने साफ कर दिया है कि अगर भविष्य में इसी तरह की तकनीकी गड़बड़ियां सामने आती हैं तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित ड्राइवरलेस गाड़ियां भविष्य की परिवहन व्यवस्था बदल सकती हैं लेकिन बड़े पैमाने पर इन्हें अपनाने से पहले सुरक्षा नियमों और भरोसे से जुड़े सभी पहलुओं पर लगातार निगरानी जरूरी होगी।