

11 से 17 अक्टूबर तक ग्रहों की चाल में होगा बदलाव
11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का होगा शुभारंभ
इस सप्ताह बाजार में तेजी-मंदी के ज्योतिषीय संकेत
Grah Gochar 11 To 17 October 2026: ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 से 17 अक्टूबर 2026 तक का सप्ताह धार्मिक दृष्टि से विशेष रहने वाला है। रविवार, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा।
इस सप्ताह ग्रहों की स्थिति के साथ बाजार में तेजी और उतार-चढ़ाव के संकेत बताए गए हैं। वहीं, नवरात्रि के आरंभ के साथ घटस्थापना, कलश स्थापना और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।
इस सप्ताह सूर्य कन्या राशि में, मंगल कर्क राशि में, बुध तुला राशि में और गुरु कर्क राशि में संचरण करेंगे। शुक्र तुला राशि में वक्री रहेंगे। शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। चंद्रमा इस सप्ताह मीन, मेष, वृषभ और मिथुन राशि से होकर गुजरेगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र में सूर्य के प्रभाव से गेहूं, चना, कपास, रूई, सोना, चांदी, गुड़, खांड, अरहर, लाख, केसर और कपूर आदि वस्तुओं में तेजी आने के संकेत बताए गए हैं।
वहीं, 14 अक्टूबर से बाजार में तेज उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कभी तेजी तो कभी अचानक मंदी देखने को मिल सकती है। ऐसे में सट्टा प्रवृत्ति से दूर रहना और सोच-समझकर आर्थिक निर्णय लेना बेहतर रहेगा। हालांकि, ये बाजार संबंधी संकेत ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें निश्चित वित्तीय पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।
रविवार, 11 अक्टूबर – शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, घटस्थापना एवं कलश स्थापना, बैठकी, ध्वजारोहण, मातामह श्राद्ध, महाराजा अग्रसेन जयंती और जयप्रकाश नारायण जयंती। इस दिन रात 8 बजकर 22 मिनट से रात 10 बजकर 33 मिनट तक द्विपुष्कर योग रहेगा।
बुधवार, 14 अक्टूबर – विनायकी चतुर्थी व्रत। इस दिन सुबह 10 बजकर 47 मिनट से रात 11 बजकर 34 मिनट तक भद्रा रहेगी। अमृतसिद्धि योग सूर्योदय से अगले दिन रात 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
गुरुवार, 15 अक्टूबर – उपांग ललिता व्रत और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर – मूल नक्षत्र में सरस्वती आवाहन और विश्व खाद्य दिवस।
शनिवार, 17 अक्टूबर – भद्रा सुबह 5 बजकर 37 मिनट से प्रारंभ होगी।
11 अक्टूबर से आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की शुरुआत होगी। इसी दिन शारदीय नवरात्रि का आरंभ होने के साथ घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना और कलश स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करेंगे।
इस सप्ताह धार्मिक कार्यों और नवरात्रि की तैयारियों के लिए 11 अक्टूबर विशेष रहेगा। बाजार में उतार-चढ़ाव के ज्योतिषीय संकेतों को ध्यान में रखते हुए जल्दबाजी में आर्थिक फैसले लेने से बचें। निवेश या कारोबार से जुड़े निर्णय वास्तविक बाजार की स्थिति, उपलब्ध जानकारी और अपनी आर्थिक क्षमता के आधार पर ही लें।