यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की  
विदेश

रूस के कुर्स्क क्षेत्र में दाखिल होकर क्या करना चाहता है यूक्रेन, जेलेंस्की ने बताया अपना प्लान

अभी तक रूस, यूक्रेन पर भारी था लेकिन अब इसके उलट हो रहा है। अब यूक्रेन, रूस पर भारी पड़ रहा है। यही नहीं यूक्रेनी सेना रूस के कुर्स्क क्षेत्र में सैकड़ों किलोमीटर भीतर दाखिल हो चुके हैं। कुर्स्क क्षेत्र में दाखिल होकर यूक्रेन क्या करना चाहता है।

साक्षी सिंह

कीव: रूस और यूक्रेन के बीच लगभग ढाई साल से ज्यादा समय से संघर्ष जारी है। अभी तक रूस, यूक्रेन पर भारी था लेकिन अब इसके उलट हो रहा है। अब यूक्रेन, रूस पर भारी पड़ रहा है। यही नहीं यूक्रेनी सेना रूस के कुर्स्क क्षेत्र में सैकड़ों किलोमीटर भीतर दाखिल हो चुके हैं। कुर्स्क क्षेत्र में दाखिल होकर यूक्रेन क्या करना चाहता है। इस पर राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपना प्लान बताया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सैनिकों के दाखिल होने का मकसद वहां एक बफर जोन की स्थापना करना है।

गोलाबारी लगातार जारी

यह पहली बार है, जब जेलेंस्की ने कुर्स्क क्षेत्र में शुरू किए गए इस साहसी अभियान के पीछे की मंशा स्पष्ट रूप से जाहिर की है। पहले उन्होंने कहा था कि अभियान का मकसद सीमावर्ती सुमी क्षेत्र में समुदायों को रूस की ओर से लगातार जारी गोलाबारी से बचाना है।

कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेन का अभियान जारी

जेलेंस्की ने आगे कहा कि कुल मिलाकर अब रक्षात्मक अभियानों में हमारी प्राथमिकता यह है। जितना संभव हो, रूस की युद्ध क्षमता को नष्ट करना और अधिकतम जवाबी कार्रवाई करना। इसमें कुर्स्क क्षेत्र में हमारा अभियान शामिल है, जिसका उद्देश्य आक्राता के क्षेत्र में एक बफर जोन की स्थापना करना है।

लगभग 1000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में यूक्रेनी सेना दाखिल

बता दें कि यूक्रेन के सैन्य कमांडर  के मुताबिक, 12 अगस्त तक उनकी सेना ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र में लगभग 1,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण बना लिया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी सोमवार को पहली बार पुष्टि की थी कि यूक्रेनी सैन्य बल रूस के कुर्स्क क्षेत्र में अभियान पर हैं। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में देश के सैनिकों और कमांडरों की उनकी दृढ़ता और निर्णायक कार्रवाई के लिए प्रशंसा करते हुए यह बात कही।

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