विश्व कीट दिवस (फोटो.सोशल मीडिया)  
विदेश

World Pest Day: 10 लाख से अधिक कीट प्रजातियां, कुछ फायदेमंद तो कुछ बन रहीं बड़ी चुनौती

World Pest Day: 6 जून को विश्व कीट दिवस मनाया जाता है। यह दिन आसपास के लोगों और पौधों के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए कीट प्रबंधन और इससे होने वाले लाभ के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए है।

रीता राय सागर

World Pest Day 2026: इसे विश्व कीट दिवस या विश्व कीट जागरूकता दिवस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन को ना सिर्फ लोगों बल्कि पेड़-पौधों के क्वालिटी ऑफ लाइफ को बनाए रखने के लिए भी कीट मैनेजमेंट (Pest Management) और इससे होने वाले लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित किया गया है।

इस दिन आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में दुनियाभर के विशेषज्ञ इससे जुड़े अपने-अपने विचार साझा करते हैं।

कैसे शुरु हुआ विश्व कीट दिवस

विश्व कीट दिवस चीनी कीट नियंत्रण संघ द्वारा शुरू किया गया था और एशियाई और ओशिनिया कीट प्रबंधक संघ (FAOPMA), राष्ट्रीय कीट प्रबंधन संघ (NPMA) और यूरोपीय कीट प्रबंधन संघों के परिसंघ (CEPA) द्वारा सह-प्रायोजित किया गया था। पहली बार विश्व कीट दिवस समारोह 6 जून 2017 को बीजिंग होटल में आयोजित किया गया था।

विश्व कीट दिवस का उद्देश्य

  • कीट प्रबंधन उद्योग की पेशेवर छवि को बढ़ावा देना
  • वैज्ञानिक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार तरीके से प्रोफेशनल पेस्ट मैनेजमेंट के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • कीटों से होने वाले खतरों पर ध्यान केंद्रित करना।

भारत में विश्व कीट दिवस

विश्व कीट दिवस 2021 के एक भाग के रूप में, वैश्विक कीट प्रबंधन गठबंधन (GPMC) के एक सदस्य भारतीय कीट नियंत्रण संघ (IPCA) ने भारत में कार्यक्रमों का आयोजन किया।

कीटों के बढ़ने से होने वाला खतरा

आज ग्लोबल वार्मिंग और बदलते मौसम के कारण कीटों की संख्या तथा उनका जीवनकाल बढ़ रहा है। पहले जो कीट ठंडी सर्दियों में नष्ट हो जाते थे, वे अब गर्म वातावरण में अधिक समय तक जीवित रहते हैं। बढ़ते तापमान के कारण कीट तेजी से प्रजनन कर रहे हैं और नए क्षेत्रों में फैल रहे हैं। यदि वैश्विक तापमान लगभग 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ता है, तो गेहूँ में कीटों से होने वाली हानि लगभग 46 प्रतिशत, मक्का में 31 प्रतिशत तथा चावल में 19 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

10 लाख से अधिक प्रजातियां है कीटों की

विश्व में कीटों की ज्ञात प्रजातियों की संख्या लगभग 10 लाख (1 मिलियन) है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। मधुमक्खियाँ, तितलियाँ और अनेक अन्य कीट पॉलीनेशन, बायो-डायवर्सिटी और इकोलॉजिकल बैलेंस बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कीट नियंत्रण सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा से जुड़ा है, क्योंकि कीट खेतों में खड़ी फसलों और गोदामों में रखे अनाज दोनों को नुकसान पहुँचाते हैं। इतना ही नहीं, बाढ़, भूकंप, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के बाद कीटों तथा रोग फैलाने वाले जीवों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

कीटों से होने वाली बीमारियां

  • मच्छर से होने वाली बीमारियां

लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मच्छर नियंत्रण आवश्यक है। मच्छर कई तरह से बीमारियां फैलाते हैं।

  • कॉकरोच का खतरा

कॉकरोच घरेलू जीवन को बहुत कठिन बना देते हैं। कॉकरोच के घर में होने से कई बीमारियों का खतरा बना रहता है।

  • दीमक से खतरा

किसी भी संपत्ति के नुकसान के पीछे दीमक प्रमुख कारणों में से एक है। दीमक आमतौर पर मिट्टी में रहते हैं और लकड़ी को अंदर से खा लेते हैं और उन्हें खोखला कर देते हैं।

  • चूहे से फैलने वाले रोगों का खतरा

चूहे जिद्दी कीट हैं। इनसे निपटना मुश्किल है। चूहे न केवल रोग फैलाते हैं और भोजन को दूषित करते हैं, वे आपके घर को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

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