बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान में अब कोई बॉस नहीं! नेतन्याहू ने कहा कमांड स्ट्रक्चर पूरी तरह फेल, क्या ढहने वाला है तेहरान का शासन?

Israel Iran War: इजरायल द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अली लारीजानी समेत कई शीर्ष नेताओं को खत्म किए जाने के बाद तेहरान में नेतृत्व का शून्य पैदा हो गया है। 

अमन उपाध्याय

Who Is Running Iran After Khamenei Death: ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर नेतृत्व संकट से गुजर रहा है। इजरायल द्वारा एक के बाद एक ईरान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि वर्तमान में इस परमाणु संपन्न देश की बागडोर किसके हाथ में है। युद्ध की शुरुआत में ही सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने और हाल ही में शक्तिशाली सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मौत ने ईरान के 'कमांड एंड कंट्रोल' ढांचे को हिलाकर रख दिया है।

रहस्यमयी उत्तराधिकारी

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके 56 वर्षीय बेटे, मुजतबा खामेनेई को आनन-फानन में नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया था। मुजतबा लंबे समय से इस पद के दावेदार माने जाते रहे हैं और उनके विचार अपने पिता से भी अधिक कट्टरपंथी बताए जाते हैं। हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, मुजतबा ने अपनी नियुक्ति के बाद से अपना चेहरा नहीं दिखाया है। अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का मानना है कि वह उसी हमले में घायल हुए होंगे जिसमें उनके पिता मारे गए थे क्योंकि उस हमले में मुजतबा की पत्नी की भी मौत हो गई थी।

रिवोल्यूशनरी गार्ड का बढ़ता प्रभाव

कई विश्लेषकों का मानना है कि ईरान में असली ताकत अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के हाथों में आ गई है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर अली वैज़ के अनुसार, 'अब रिवोल्यूशनरी गार्ड ही वास्तव में राज्य है।' युद्ध से पहले ईरान का नागरिक नेतृत्व सर्वोच्च नेता के अधीन था, लेकिन अब खामेनेई की अनुपस्थिति और उनके बेटे के पास पिता जैसा अधिकार न होने के कारण, रिवोल्यूशनरी गार्ड ही देश चला रहा है।

स्वतंत्र सैन्य इकाइयां और अराजकता

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में संकेत दिया था कि देश की सैन्य इकाइयां अब केंद्र सरकार के नियंत्रण से स्वतंत्र होकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य इकाइयां पहले से दिए गए सामान्य निर्देशों के आधार पर अपने फैसले ले रही हैं। नेतन्याहू ने भी पुष्टि की है कि 'ईरान का कमांड और कंट्रोल स्ट्रक्चर पूरी तरह से अराजकता  में है।'

क्या शासन ढह जाएगा?

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने से शासन के तुरंत ढहने की उम्मीद करना एक भ्रम हो सकता है। ईरान ने दशकों से ऐसी स्थितियों के लिए 'मल्टीपल लेयर्स' वाला नेतृत्व तैयार किया है। यदि शीर्ष जनरल मारे जाते हैं तो निचले रैंक के अधिकारी उनकी जगह लेने के लिए तैयार रहते हैं।

हालांकि, रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट की बुर्सू ओज़सेलिक का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर नेतृत्व की हानि के दूरगामी परिणाम होंगे, जिन्हें सामने आने में हफ्तों या महीनों के बजाय सालों लग सकते हैं। इस बीच, ईरान ने वैश्विक पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी है, जबकि अमेरिका ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त मरीन सैनिक भेजने का फैसला किया है।

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