ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

चीन के आगे गिड़गिड़ाने को मजबूर अमेरिका, ईरान ने तोड़ा ट्रंप का घमंड़, विदेश मंत्री अराघची ने जमकर बोला हमला

US-Iran War: ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिकी सुरक्षा को कमजोर बताया और कहा कि अब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए चीन से मदद मांग रहा है, जो पहले खुद की सुरक्षा छतरी समझता था।

अक्षय साहू

Abbas Araghchi US China Hormuz Strait: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुरक्षा छतरी का ढोल फट गया है। अराघची ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि अब वह होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए चीन के सामने भी मदद की गुहार लगा रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। जिससे पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैंस की किल्लत हो गई है। 

ईरानी विदेश मंत्री कि यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई है, जिसमें उन्होंने दुनिया भर के देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित बनाने के लिए सहयोग मांगा था और चीन का भी नाम लिया था।

अमेरिका की सुरक्षा छतरी में छेद

अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “अमेरिका की जिस सुरक्षा छतरी की इतनी तारीफ होती थी, वह अब पूरी तरह छेद भरी साबित हुई है। यह मुसीबतों को रोकने के बजाय उन्हें न्योता दे रही है। अब अमेरिका दूसरों से, यहां तक कि चीन से भी, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद मांग रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों से अपील करता है कि वे विदेशी हमलावरों को बाहर निकालें, क्योंकि उन हमलावरों की एकमात्र चिंता केवल इजरायल है। अराघची ने एक इंटरव्यू में भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और यह केवल उनके दुश्मनों और उनके सहयोगियों पर हमला करने वाले टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है। बाकी सभी के लिए आवागमन में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब कई भारतीय जहाजों समेत सैकड़ों जहाज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच संकरे मार्ग में फंसे हुए हैं। उन्होंने नाकाबंदी को “सुरक्षा चिंताओं” से जोड़ा और कहा कि यह मार्ग सामान्य जहाजों के लिए खुला है।

ट्रंप ने मांगी चीन से मदद

इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि कई देश, खासकर जो ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के प्रयासों से प्रभावित हैं, अमेरिका के साथ मिलकर इस जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से भी इस क्षेत्र में जहाज भेजने की उम्मीद जताई। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन साथ ही यह स्वीकार किया कि तेहरान के लिए जलमार्ग के आसपास या अंदर ड्रोन भेजना और मिसाइल दागना आसान है। 

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