अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

Strait of Hormuz में ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने तैनात किए 15 युद्धपोत, नाकेबंदी शुरू

US Navy Blockade: इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद Strait of Hormuz में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने 15 युद्धपोत तैनात कर ईरानी जहाजों की नाकेबंदी की है। रूस ने संकट सुलझाने की बड़ी पेशकश की है।

प्रिया सिंह

Middle East Crisis Situation: इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल होने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बहुत तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इसके बाद अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में संघर्ष का बढ़ना के बीच ईरानी जहाजों की कड़ी नाकेबंदी शुरू कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत की तैनाती का सख्त आदेश देकर स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया है। यह पूरी कार्रवाई मध्य पूर्व में संकट की स्थिति को बहुत ही ज्यादा तनावपूर्ण और बेहद खतरनाक स्तर पर ले जा रही है।

अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती

अमेरिका की ओर से इस नई नाकेबंदी को पूरी तरह से लागू करने के लिए नेवी के 15 युद्धपोत तैनात किए गए हैं। ये सभी भारी युद्धपोत Strait of Hormuz के पूर्वी इलाक़े में अपनी कड़ी निगरानी के लिए बहुत मजबूती से खड़े कर दिए गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिकन नेवी अब ईरान से तेल लेकर रवाना होने वाले किसी भी टैंकर को रोकेगी।

आर्थिक आतंकवाद का आरोप

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर Strait of Hormuz से ट्रैफिक रोककर भारी आर्थिक आतंकवाद फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। फॉक्स न्यूज से खास बातचीत में वेंस ने कड़ी चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह खेल दोनों तरफ से खेला जा सकता है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर ईरान अपनी ऐसी हरकतें जारी रखता है, तो अमेरिका यह पक्का करेगा कि ईरान का कोई भी जहाज़ बाहर न निकल पाए।

ट्रंप का बड़ा दावा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की इस कड़ी नाकेबंदी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बहुत ही बड़ा और हैरान करने वाला दावा किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी नौसेना की कड़ी निगरानी में कल Strait of Hormuz से कुल 34 जहाज बहुत ही सुरक्षित तरीके से गुजरे हैं। ट्रंप के अनुसार जब से ईरान ने होर्मुज को बंद किया है, उसके बाद वहां से पार करने वाले जहाजों की यह सबसे बड़ी संख्या है।

ईरान की कड़ी चेतावनी

ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने की कोशिश को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेवकूफी वाला कदम बताकर उसकी आलोचना की है। वहीं इस अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर ईरान ने भी अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप को बहुत ही सख्त और कड़ी चेतावनी दे दी है। ईरानी संसद के स्पीकर ग़ालिबाफ ने कहा कि इस नाकेबंदी का असर सिर्फ तेल आपूर्ति पर नहीं बल्कि दुनिया भर के बाजार पर पड़ेगा।

रूस की शांति पहल

 रूस के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि 13 अप्रैल को रूस के विदेश मंत्री एस.वी. लावरोव ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से बात की। दोनों देशों के नेताओं ने मिडिल ईस्ट में हथियारों से लैस टकराव को दोबारा होने से रोकने की अहमियत पर बहुत ज्यादा ज़ोर दिया है। लावरोव ने अराघची को भरोसा दिलाया कि इस पूरे संकट को शांति से सुलझाने में मदद करने के लिए रूस पूरी तरह से तैयार है।

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