डोनाल्ड ट्रंप और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप का 'LOCKED IN MODE' एक्टिव: अब सिर्फ जीत होगी, कोई बहाना नहीं... व्हाइट हाउस के पोस्ट से मची खलबली

US Iran Tension: व्हाइट हाउस के तरफ से शेयर की गई ट्रंप की 'LOCKED IN MODE' वाली पोस्ट ने दुनिया हलचल बढ़ा दी है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच 'सिर्फ जीत' का यह संकल्प बड़े सैन्य संकेत दे रहा है।

अमन उपाध्याय

US Iran Tension Trump Locked In Mode: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव के बीच व्हाइट हाउस की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। इस पोस्ट को महज एक सामान्य  संदेश मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल है क्योंकि इसका सीधा संकेत मिडिल ईस्ट में किसी  बड़े सैन्य घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहे हैं।

सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें बेहद आक्रामक लहजे में लिखा गया था 'LOCKED IN MODE: ACTIVATED... It's Monday. No excuses. Just wins.'

ईरान में सत्ता परिवर्तन

यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान के भीतर भी बड़े रणनीतिक बदलाव हुए हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की विदेश नीति और कूटनीति पर अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का पूर्ण नियंत्रण हो गया है। मेजर जनरल वाहिदी जैसे कट्टरपंथी नेताओं के उभार ने शांति की संभावनाओं को लगभग खत्म कर दिया है। जहां एक समय विदेश मंत्री अब्बास अराघची नरमी के संकेत दे रहे थे, वहीं अब IRGC के दबाव में ईरानी कूटनीति पूरी तरह सेना के पहरे में है।

होर्मुज की नाकेबंदी ने बढ़ाई आग

अमेरिका की इस 'लॉक्ड इन' मुद्रा के पीछे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की हालिया सैन्य गतिविधियाँ भी एक बड़ा कारण मानी जा रही हैं। ईरान द्वारा इस सामरिक जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने और जहाजों को निशाना बनाने के फैसले ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए खतरा पैदा कर दिया है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह वैश्विक व्यापार और अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

महायुद्ध की दस्तक?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'No excuses. Just wins' (कोई बहाना नहीं, सिर्फ जीत) का नारा यह दर्शाता है कि पेंटागन ने अब लक्ष्यों की पहचान कर ली है और किसी भी क्षण ईरान के सैन्य ठिकानों या IRGC के केंद्रों पर स्ट्राइक शुरू हो सकती है। यदि आने वाले घंटों में कूटनीतिक स्तर पर कोई चमत्कार नहीं होता है तो मध्य पूर्व में एक ऐसे युद्ध की शुरुआत हो सकती है जिसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा।

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