मोहस‍िन रेजाई  (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

शर्तों के बिना बातचीत नहीं... ट्रंप के दावे पर मोहस‍िन रेजाई की दो टूक, बोले- बयानों से भ्रमित न हों

US-Iran Conflict: ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत वाले दावे को खारिज करते हुए कहा कि जब तक शर्तें पूरी नहीं होतीं, कोई वार्ता संभव नहीं है।

अक्षय साहू

Mohsen Rezaei on Iran-US Talks: ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहस‍िन रेजाई ने कहा क‍ि अमेरिका के साथ बातचीत तब तक संभव नहीं है जब तक क‍ि ईरान की शर्तें पूरी नहीं हो जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन अलग-अलग बयान देकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। रेजाई ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। 

मोहसिन रेजाई का यह बयान मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोमवार की टिप्पणी के जवाब में आया। ट्रंप ने दावा करते हुए कहा था कि तेहरान जल्दी और किसी भी कीमत पर एक समझौता करना चाहता है और अमेरिका उसके साथ फिर से बातचीत शुरू कर सकता है।

कमजोर पड़ चुका है ईरान: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि, कमजोर पड़ चुका ईरान जल्दी और बुरी तरह एक समझौता करना चाहता है। अमेरिका बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला मैं करूंगा। हालांकि हम इस विचार के लिए खुले हैं।

इसके जवाब में मोहसिन रेजाई ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति के बदलते बयानों से भ्रमित मत होइए। कभी वे कहते हैं 'कोई बातचीत नहीं होगी' और फिर कहते हैं हम बातचीत के लिए तैयार हैं। तेल और समुद्री मार्गों से जुड़े दांव अब बदल चुके हैं। बाद में नुकसान नियंत्रित करने की कोशिश आने वाली स्थितियों को नहीं रोक पाएगी। रेजाई ने स्‍पष्‍ट क‍िया, जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। बस यही अंतिम बात है।

सीजफायर की तय अवधी समाप्त

स‍िन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में चल रहे संघर्षों को खत्म करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें लेबनान समेत विभिन्न मोर्चों पर तनाव कम करने की बात शामिल थी।

इस समझौते के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत करके अंतिम समझौते तक पहुंचना था। यह अवधि 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है, लेकिन हाल के तनाव बढ़ने के बाद इन वार्ताओं का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है।

अमेरिका ने मछुआरों के नाव को बनाया निशाना

इसी बीच, सोमवार रात ईरान के दक्षिणी तट के पास ड्रोन हमले में दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया। यह हमला दक्षिणी बंदरगाह शहर कारगन के तट और लारक द्वीप के पास हुआ।

होर्मोजगान प्रांत के राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने बताया कि इस घटना के बाद कई मछुआरे लापता हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। घटना की जांच पूरी होने के बाद और जानकारी साझा की जाएगी।

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