US Iran Peace Talks Minab 168: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही महत्वपूर्ण शांति वार्ता एक नए और भावुक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान ने इस वार्ता को 'मिनाब 168' का नाम दिया है, जो दोनों देशों के बीच के कड़वे अतीत और गहरे जख्मों को बयां करता है।
ईरान द्वारा इस शांति वार्ता को दिए गए नाम के पीछे एक दर्दनाक इतिहास छिपा है। ईरानी प्रेस टीवी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच जब तनाव युद्ध के करीब पहुंचा था, तब टॉमहॉक मिसाइलों से किए गए हमले में एक स्कूल की छत गिर गई थी। इस भीषण हादसे में ईरान के मिनाब स्थित स्कूल की कम से कम 168 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई थी। ईरान ने इस क्षति को कभी नहीं भुलाया और वार्ता को यह नाम देकर वह दुनिया को अपनी त्रासदी की याद दिलाना चाहता है। गौरतलब है कि इस शांति वार्ता के सिलसिले में जब ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा था, तब उनके विमान पर भी 'मिनाब 168' पेंट किया गया था।
इसके अलावा, स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ता के दौरान उस समय तनाव और भी चरम पर पहुंच गया, जब डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो उस पर पहले से भी भीषण हमला किया जाएगा और उसका अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।
इन धमकियों के विरोध में ईरानी प्रतिनिधिमंडल में शामिल विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने बैठक कक्ष से वॉकआउट कर दिया। ईरानी पक्ष का तर्क है कि धमकियों और दबाव के माहौल में कोई भी सार्थक बातचीत संभव नहीं है। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुआई वाले अमेरिकी दल ने इस तनाव के बावजूद बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।
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इस उच्चस्तरीय वार्ता में कतर मुख्य मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है। इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर भी स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं, जो दोनों देशों के बीच की दूरियों को पाटने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में जेडी वेंस के साथ जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ जैसे महत्वपूर्ण चेहरे भी शामिल हैं।