अमेरिकी सैन्य हमला (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

अमेरिका का सीरिया पर बड़ा हवाई हमला: अलकायदा नेता बिलाल हसन ढेर, ट्रंप ने दिया था एयरस्ट्राइक का आदेश

Syria Airstrike 2026: राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने सीरिया में हवाई हमला कर अलकायदा नेता बिलाल हसन अल-जासिम को मार गिराया है। यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों की हत्या के बदले में की गई है।

प्रिया सिंह

US Military Strike Bilal Al-Jassim Syria: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पश्चिम एशिया के मुस्लिम देश सीरिया में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार की रात हुए इस घातक हवाई हमले में अलकायदा से जुड़े एक वरिष्ठ आतंकवादी नेता को मार गिराया गया है, जिसकी पहचान बिलाल हसन अल-जासिम के रूप में हुई है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस अभियान की सफलता की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी सैनिकों पर हुए पिछले हमलों का करारा जवाब बताया है। इस हवाई हमले के बाद क्षेत्र के अन्य देशों में हलचल बढ़ गई है और इसे आतंकवाद के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की "जीरो टॉलरेंस" नीति के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप का जवाबी हमला

सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इलाके में अमेरिकी सेना ने "हॉकआई स्ट्राइक" नामक अभियान के तहत अलकायदा नेता बिलाल हसन अल-जासिम को निशाना बनाया। अधिकारियों के अनुसार, यह आतंकवादी पिछले महीने हुए उस हमले से सीधे तौर पर जुड़ा था जिसमें दो अमेरिकी सार्जेंट और एक नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस अभियान का आदेश देकर स्पष्ट किया है कि अमेरिकी जान की कीमत वसूलने के लिए सेना किसी भी हद तक जा सकती है।

आतंकियों के लिए चेतावनी

CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक कड़े बयान में कहा कि अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों पर हमला करने वालों के लिए दुनिया में कहीं भी छुपने की जगह नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिलाल हसन जैसे अनुभवी आतंकवादी नेता की मौत उन लोगों के लिए एक सबक है जो हमारे योद्धाओं के खिलाफ साजिश रचते हैं। अमेरिका अपनी सेनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के आक्रामक अभियान जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सैनिकों की शहादत का बदला

यह हवाई हमला 13 दिसंबर को हुए उस हमले के प्रतिशोध में किया गया था जिसमें सार्जेंट एडगर ब्रायन टॉरेस-टोवर और सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड ने अपनी जान गंवाई थी। उस दुखद घटना में नागरिक दुभाषिया अयाद मंसूर साकात की भी मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से ही अमेरिका हमलावरों की तलाश में था। बिलाल हसन को ढेर करके अमेरिकी सेना ने उन सभी परिवारों को न्याय देने की कोशिश की है जिन्होंने इस आतंकी हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है।

इस्लामिक स्टेट पर प्रहार

राष्ट्रपति ट्रंप का उद्देश्य तानाशाही नेता बशर असद के सत्ता से हटने के एक साल बाद इस्लामिक स्टेट (IS) के "ठगों" को फिर से संगठित होने से रोकना है। इस व्यापक अमेरिकी अभियान में जॉर्डन और सीरियाई सुरक्षा बलों के साथ मिलकर 100 से अधिक हथियारों और ढांचागत ठिकानों को निशाना बनाया गया है। सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ ने भी उग्रवादी समूहों के खिलाफ जारी इस गठबंधन और सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।

सुरक्षा बलों के साथ सहयोग

अमेरिकी सेना वर्तमान में स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर आतंकवाद विरोधी नेटवर्क को मजबूत कर रही है ताकि कट्टरपंथी समूहों के दोबारा उभरने की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि केवल निरंतर हवाई हमलों और जमीनी सहयोग के जरिए ही क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति स्थापित की जा सकती है। अमेरिकी रणनीतिकारों के अनुसार, यह ताजा हमला आतंकवाद के खिलाफ चल रही एक बहुत बड़ी और जटिल वैश्विक योजना का केवल एक हिस्सा मात्र है।

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