Ukraine Drone Attack Russia Engels Airbase: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब और भी विनाशकारी मोड़ ले चुका है। रविवार, 2 अगस्त 2026 को यूक्रेनी सेना ने रूस की सीमा के काफी अंदर घुसकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर बड़ा ड्रोन हमला किया।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की है कि उनके ड्रोन ने सारातोव प्रांत में स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और प्रसिद्ध एंगेल्स एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
यूक्रेनी सेना के अनुसार, एंगेल्स एयरबेस पर एक विशेष लक्ष्य को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। यह एयरबेस रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां Tu-95MS और Tu-160 जैसे रणनीतिक बमवर्षक विमान तैनात रहते हैं, जिनका उपयोग मॉस्को अक्सर यूक्रेन पर मिसाइल हमले करने के लिए करता है। हालांकि सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले में विमानों को कितना नुकसान पहुंचा है।
ड्रोन हमले का दूसरा बड़ा निशाना सारातोव की तेल रिफाइनरी बनी, जो रूस के पोवोल्झे क्षेत्र की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है। यह रिफाइनरी सालाना लगभग 7 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और रूसी सैन्य-औद्योगिक परिसर की रीढ़ मानी जाती है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई और इसमें दो आम नागरिकों की मौत की भी खबर है। इसके साथ ही, कलुगा प्रांत के ल्युडिनोव्स्काया तेल डिपो पर भी हमले की खबर सामने आई है।
हमलों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। समारा प्रांत के नोवोसेमेकिनो में रूस की दिग्गज ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज के एक विशाल वेयरहाउस को भी निशाना बनाया गया, जिससे वह आग की लपटों में घिर गया।
वाइल्डबेरीज पर आरोप है कि वह अपने प्लेटफॉर्म के जरिए सैन्य उपकरण जैसे ड्रोन पुर्जे और बॉडी आर्मर की आपूर्ति कर रही है। बता दें कि यूरोपीय संघ ने हाल ही में रूसी बजट में वित्तीय योगदान देने के कारण वाइल्डबेरीज की बैंकिंग शाखा पर प्रतिबंध भी लगाए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन अब सीधे तौर पर रूस की युद्ध लड़ने की क्षमता को कमजोर करने के लिए उसके ऊर्जा और लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बना रहा है। यह हमला 1 अगस्त को कीव में यूक्रेन की रिटेल कंपनी Rozetka के गोदाम पर हुए रूसी हमले के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।