Trump Xi Meeting In US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वाशिंगटन में एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक दशक से भी अधिक समय में पहली बार तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन पहुंच रहे हैं।
इस ऐतिहासिक बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप चीनी कंपनियों द्वारा ईरान को दिए गए कथित उपग्रह खुफिया समर्थन का गंभीर मुद्दा उठाने वाले हैं। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए घातक हमले से जुड़े इस संवेदनशील मामले के अलावा दोनों नेता व्यापार, AI और तकनीक पर भी चर्चा करेंगे।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने चीनी कंपनियों से हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें हासिल की थीं। यह मामला जुलाई में जॉर्डन स्थित मुवफ्फक अल-सल्ती एयर बेस पर हुए ईरानी हमले से जुड़ा है। हमले में तीन अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई थी और चार अन्य घायल हुए थे।
अमेरिकी सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने ट्रंप को लिखे पत्र में इस मुद्दे को शी के साथ बातचीत का अहम हिस्सा बनाने की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, मई में अमेरिका ने तीन चीनी सैटेलाइट कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए थे। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बाहरी मदद से ईरान की अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता नहीं बढ़ रही है।
शी जिनपिंग 23 सितंबर को अमेरिका पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप खुद ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी।
24 सितंबर की बैठक के बाद ट्रंप चीनी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में स्टेट डिनर की मेजबानी करेंगे। यह शी की एक दशक से अधिक समय में पहली वाशिंगटन यात्रा है। दोनों नेताओं की यह 2026 में आमने-सामने दूसरी मुलाकात होगी। इससे पहले मई में ट्रंप ने बीजिंग का दौरा किया था।
ट्रंप और शी के बीच बातचीत का बड़ा हिस्सा अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों पर रहेगा। दोनों देशों के बीच मौजूदा ट्रेड ट्रूस नवंबर में खत्म होने वाला है। अमेरिका इसे आगे बढ़ाने और व्यापारिक तनाव को नियंत्रित करने पर बातचीत कर रहा है।
रेयर अर्थ मिनरल्स भी अहम मुद्दा हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स और कई हाई-टेक उत्पादों में होता है। इसके साथ ही अमेरिका चीन से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंच को लेकर अपनी पाबंदियों पर चर्चा करेगा, जबकि चीन अमेरिकी टेक्नोलॉजी प्रतिबंधों में ढील चाहता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर चिप्स को लेकर दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ी है। बैठक में AI से जुड़े नियमों, एडवांस्ड चिप्स और टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट पर भी बातचीत हो सकती है। इसके अलावा ताइवान दोनों देशों के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दों में बना हुआ है।
फेंटानिल से जुड़े रसायनों की सप्लाई और चीन में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों का मामला भी वार्ता के एजेंडे में शामिल हो सकता है। ऐसे में ट्रंप-शी बैठक में ईरान के साथ-साथ व्यापार और टेक्नोलॉजी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।