टैरिफ पर झटके के बाद भड़के ट्रंप, फोटो (सो. सोसल मीडिया)  
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इन अदालतों का अब कुछ करना होगा! टैरिफ पर झटके के बाद जजों पर बरसे ट्रंप; मीटिंग की सीक्रेट बातें हुईं लीक

Trump Tariff News: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपातकालीन टैरिफ को अवैध घोषित करने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गहरी नाराजगी जताते हुए अदालतों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

अमन उपाध्याय

US Supreme Court Tariff Ruling: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यायपालिका के बीच एक बड़ा संवैधानिक और व्यापारिक टकराव शुरू हो गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए कई टैरिफ को अवैध करार दे दिया है। कोर्ट के इस आदेश से नाराज होकर ट्रंप ने न केवल जजों की आलोचना की है बल्कि तुरंत प्रभाव से एक नया 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का भी ऐलान कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट का 6-3 से बड़ा फैसला

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने 6-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन कानूनों का गलत इस्तेमाल किया है। यह मामला मुख्य रूप से 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) से जुड़ा था। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस कानून के तहत राष्ट्रपति आपातकाल में व्यापार को 'नियंत्रित' तो कर सकते हैं लेकिन उन्हें मनमाने ढंग से टैरिफ थोपने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने इसी कानून का सहारा लेकर पहले मेक्सिको, कनाडा, चीन और बाद में भारत समेत दर्जनों देशों पर भारी टैरिफ लगा दिए थे।

अदालतों का कुछ करना होगा

ट्रंप का गुस्सा इस फैसले के बाद ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गवर्नर्स के साथ एक निजी बैठक के दौरान ट्रंप ने इस फैसले को 'शर्मनाक' बताया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इन अदालतों के बारे में कुछ करना होगा। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि वह एक राष्ट्रपति के तौर पर व्यापार खत्म कर सकते हैं या किसी देश को बर्बाद करने वाला बैन लगा सकते हैं लेकिन उन्हें एक डॉलर चार्ज करने की इजाजत नहीं दी जा रही, जो कि बेहद अजीब है।

10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलान

अदालती आदेश के तुरंत बाद ट्रंप ने अपनी आर्थिक नीति को बचाने के लिए नया दांव चला है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाने की घोषणा की है, ताकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए शुल्कों की भरपाई की जा सके। ट्रंप का तर्क है कि टैरिफ से अमेरिका में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलता है और फैक्ट्रियां वापस अमेरिका लौटेंगी।

अरबों डॉलर के रिफंड का संकट

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को उन अमेरिकी कंपनियों और राज्यों की बड़ी जीत माना जा रहा है जिन्होंने टैरिफ को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि इन शुल्कों की वजह से उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ीं और कारोबार पर बोझ पड़ा। अब इस फैसले के बाद अरबों डॉलर के रिफंड का रास्ता खुल सकता है हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया है कि सरकार इस मामले को लंबे समय तक कानूनी पेचीदगियों में उलझाए रख सकती है। फिलहाल, इस फैसले ने चुनावी साल में अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है।

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