अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

क्या है 'थर्ड वर्ल्ड' देशों का मतलब? ट्रंप ने इमीग्रेशन पर लगाई स्थायी रोक, US में प्रवेश होगा कठिन

Third World Immigration: ट्रंप ने 'थर्ड वर्ल्ड' देशों से स्थायी इमीग्रेशन रोकने की घोषणा की, वर्तमान नीतियों को कमजोर बताया। ग्रीन कार्ड धारकों की भी समीक्षा होगी।

प्रिया सिंह

Trump Threatened to Halt Third World Immigration: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इमीग्रेशन को लेकर बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस पर हुए हमले के बाद, ट्रंप ने "थर्ड वर्ल्ड" कहे जाने वाले देशों से आने वाले लोगों के लिए एक नई और सख्त नीति का ऐलान किया है। उन्होंने मौजूदा इमीग्रेशन नीतियों को अमेरिका की प्रगति के लिए कमजोर बताया है। इस घोषणा के बाद, इन देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश एक सपना जैसा हो सकता है।

ट्रंप की नई इमीग्रेशन पॉलिसी, 'थर्ड वर्ल्ड' देशों पर गाज

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाली घोषणा की है। व्हाइट हाउस के पास हाल ही में हुए एक हमले का हवाला देते हुए, उन्होंने "थर्ड वर्ल्ड" (Third World) देशों से स्थायी इमीग्रेशन (Permanent Immigration) को पूरी तरह से रोकने का संकल्प लिया है। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका की वर्तमान इमीग्रेशन नीतियां देश को आंतरिक रूप से कमजोर कर रही हैं और इसकी तकनीकी प्रगति को धीमा कर रही हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी सिस्टम को पूरी तरह से ठीक (Recover) करने के लिए सभी 'थर्ड वर्ल्ड' देशों से आने वाले इमीग्रेशन को रोका जाना चाहिए। ट्रंप की इस योजना से इन देशों के लाखों लोगों के लिए अमेरिका में कदम रखना बहुत मुश्किल हो जाएगा। यह घोषणा उनके 'अमेरिका फर्स्ट' (America First) एजेंडे का विस्तार मानी जा रही है, जो कड़े सीमा नियंत्रण और सुरक्षा पर केंद्रित है।

क्या है 'थर्ड वर्ल्ड' देशों का मतलब?

"फर्स्ट वर्ल्ड", "सेकंड वर्ल्ड" और "थर्ड वर्ल्ड" की यह अवधारणा शीत युद्ध (Cold War) के समय शुरू हुई थी। फर्स्ट वर्ल्ड में लोकतांत्रिक और औद्योगिक देश शामिल थे जो अमेरिका के सहयोगी थे (जैसे उत्तरी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप)। सेकंड वर्ल्ड में कम्युनिस्ट-सोशलिस्ट राज्य थे, जिनका नेतृत्व सोवियत संघ (Soviet Union) करता था। थर्ड वर्ल्ड उन देशों को कहा गया जो इन दोनों में से किसी भी गुट में शामिल नहीं थे। सामान्यतः इसका इस्तेमाल गरीब, विकासशील या अविकसित देशों के लिए किया जाता है, जिनमें मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कृषि प्रधान राज्य शामिल थे। ट्रंप अपने बयान में इसी ऐतिहासिक और गैर-गठबंधन (Non-Aligned) समूह के देशों की ओर इशारा कर रहे हैं, जिन्हें वह सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा मानते हैं।

ग्रीन कार्ड की समीक्षा और लक्षित देश

ट्रंप प्रशासन ने इमीग्रेशन नीतियों को कठोर करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। ग्रीन कार्ड (Green Card) धारकों पर भी अब गाज गिरेगी। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) के निदेशक जोसेफ एडलो ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति के निर्देश पर, 19 पहचाने गए चिंताजनक देशों के हर स्थायी निवासी या ग्रीन कार्ड होल्डर के इमीग्रेशन दर्जे की पूरी और कड़ी समीक्षा की जाएगी।

यह कदम उन देशों पर केंद्रित है, जिन्हें ट्रंप ने सुरक्षा जोखिम या पश्चिमी सभ्यता के साथ असंगत माना है। जिन 19 देशों को इस समीक्षा के दायरे में लाया गया है, उनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो-ब्राजाविल, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, क्यूबा और वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों का अमेरिका में प्रवेश अब जांच और प्रतिबंधों के अधीन होगा।

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी साफ किया कि वह लाखों "अवैध प्रवेशों" को उलटना चाहते हैं और किसी भी ऐसे विदेशी नागरिक को देश से निष्कासित करना चाहते हैं जिसे वह अमेरिका के लिए लाभकारी नहीं मानते हैं।

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