Trump Gaza Peace Deal Hamas Disarmament: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित बोर्ड ऑफ पीस ने गाजा पट्टी में शांति बहाली के लिए एक ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की है।
इस कूटनीतिक सफलता के तहत हमास और गाजा के अन्य हथियारबंद गुट न केवल सीजफायर के लिए तैयार हुए हैं, बल्कि उन्होंने पहली बार आधिकारिक तौर पर अपने सभी हथियार छोड़ने का वादा भी किया है। इस कदम के बाद इजरायल ने भी अपनी सेना को गाजा पट्टी से पूरी तरह हटाने पर सहमति दे दी है।
इस समझौते को अमलीजामा पहनाने में बोर्ड ऑफ पीस के साथ-साथ क्षेत्रीय मध्यस्थों मिस्र, कतर और तुर्की ने भी अहम भूमिका निभाई है। जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, हमास ने गाजा में अगले चरण के सीजफायर को लागू करने के लिए एक व्यावहारिक और विस्तृत रोडमैप पर अपनी मुहर लगा दी है।
यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमास ने अपने सैन्य संसाधनों को त्यागने और एक शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में बढ़ने की आधिकारिक प्रतिबद्धता जताई है। इस फैसले के बाद दोनों देशों में शांति की संभावना बढ़ गई है।
https://twitter.com/WhiteHouse/status/2082971225949638708
इस बड़ी कामयाबी पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे विश्व शांति के लिए एक नई उम्मीद बताया है। ट्रंप ने कहा कि आज बोर्ड ऑफ पीस ने गाजा में हमास और अन्य सभी हथियारबंद समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है।
उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता न केवल गाजा में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह वहां एक नई फिलिस्तीनी सरकार के गठन की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम है। ट्रंप के अनुसार, यह नई सरकार पूरी तरह से फिलिस्तीनी जनता के कल्याण के लिए समर्पित होगी और बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर क्षेत्र का पुनर्निर्माण करेगी।
समझौते की शर्तों के मुताबिक, जैसे ही हमास और अन्य गुटों के हथियारों को छोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी, इजरायल अपनी सेना को गाजा पट्टी से वापस बुलाना शुरू कर देगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रोडमैप पूरी तरह सफल रहता है, तो यह दशकों पुराने इजरायल-फिलिस्तीन तनाव के इतिहास में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
यह भी पढ़ें:- यूक्रेन पर कहर बनकर बरसीं रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें, 8 की मौत और 50 से अधिक घायल; पोलैंड सीमा पर अलर्ट
फिलहाल, इस समझौते के बारीकियों पर काम किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पहल का स्वागत किया है, क्योंकि इससे न केवल गाजा में मानवीय संकट को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिरता का मार्ग प्रशस्त होगा।