Syrian Army al-Hawl Camp: सीरियाई गृहयुद्ध में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बुधवार, 21 जनवरी 2026 को सीरियाई सरकारी सेना ने उत्तर-पूर्वी सीरिया के कुख्यात अल-हौल डिटेंशन कैंप पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह कदम कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) की वापसी के बाद उठाया गया है जिन्होंने पिछले सात वर्षों से इस कैंप की निगरानी की थी।
अल-हौल कैंप में वर्तमान में 42 अलग-अलग देशों के लगभग 24,000 लोग रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश संदिग्ध इस्लामिक स्टेट लड़ाकों के परिवार के सदस्य और कथित सदस्य हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों ने लंबे समय से चेतावनी दी है कि यह कैंप चरमपंथ का केंद्र बना हुआ है और यदि यहाँ से कैदी भाग निकलते हैं तो IS को सीरिया और उसके बाहर फिर से संगठित होने में मदद मिल सकती है।
सीरियाई सरकार ने आरोप लगाया है कि कुर्द सेना ने जेल को बिना सुरक्षा के छोड़ दिया जिसके कारण कुछ कैदी भागने में सफल रहे। इसी तरह की घटना 'शद्दादी जेल' में भी हुई जहां से 120 कैदियों के भागने की खबर है हालांकि SDF ने इन आरोपों से इनकार किया है। वर्तमान में SDF अब भी कुछ जेलों को नियंत्रित कर रहा है जिनमें अल-रोज कैंप शामिल है जहां लंदन में जन्मी शमीमा बेगम बंद है।
एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बदलाव में अमेरिका ने अब सीरियाई सरकार के साथ हाथ मिलाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने कहा कि SDF का मूल उद्देश्य (IS से लड़ना) अब लगभग समाप्त हो चुका है और वाशिंगटन के लिए अब दमिश्क (सीरियाई सरकार) प्राथमिक भागीदार बन गया है। उन्होंने कुर्दों से अपील की कि वे सीरियाई राज्य की शर्तों को स्वीकार करें और मुख्यधारा में शामिल हों।
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सीरियाई सरकार और SDF के बीच एक 14-सूत्रीय शांति योजना पर सहमति बनी है। इसके तहत SDF अपनी अधिकांश शासन शक्तियां दमिश्क को सौंप देगा और सीरियाई सेना में एकीकृत हो जाएगा। यदि यह समझौता विफल होता है, तो दोनों पक्षों के बीच फिर से जंग शुरू हो सकती है।