श्रीलंका स्वतंत्रता दिवस, फोटो (सो.सोशल मीडिया) 
विदेश

श्रीलंका मना रहा 78वां स्वतंत्रता दिवस, कोलंबो में गौरवशाली इतिहास और आजादी का जश्न; जानें क्या है इस बार खास

Sri Lanka Independence Day: श्रीलंका 4 फरवरी 2026 को अपना 78वां राष्ट्रीय दिवस मना रहा है। ब्रिटिश गुलामी से आजादी से लेकर दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री देने तक पढ़ें श्रीलंका की पूरी विकास यात्रा।

अमन उपाध्याय

Sri Lanka Independence Day 2026: श्रीलंका आज, 4 फरवरी 2026 को अपना 78वां राष्ट्रीय दिवस पूरे गर्व और उत्साह के साथ मना रहा है। यह ऐतिहासिक दिन देश को ब्रिटिश शासन से मिली आज़ादी की याद दिलाता है जो उसे वर्ष 1948 में प्राप्त हुई थी। इस अवसर पर पूरे देश में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का माहौल देखने को मिलता है।

राष्ट्रीय दिवस के मौके पर राजधानी समेत सभी प्रमुख शहरों और कस्बों में भव्य परेड, ध्वजारोहण समारोह और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में विशेष कार्यक्रम रखे जाते हैं जिनमें स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके बलिदानों को याद किया जाता है।

श्रीलंका के राष्ट्रीय दिवस का इतिहास

श्रीलंका हिंद महासागर में स्थित नाशपाती के आकार का एक द्वीप है जो पाक जलडमरूमध्य द्वारा भारत से अलग होता है। यहां की सभ्यता का इतिहास ईसा पूर्व छठी शताब्दी तक जाता है। पहले इस देश को 'सीलोन' कहा जाता था। प्राचीन यूनानियों ने इसे 'तप्रोबेन' और अरबों ने 'सेरेंडिब' नाम दिया था। अपनी रणनीतिक समुद्री स्थिति के कारण श्रीलंका का आसपास के क्षेत्रों से व्यापार और सांस्कृतिक संबंध रहा है। इसी वजह से यह ब्रिटिश साम्राज्य के लिए एक अहम केंद्र बना और 1815 में इसे उपनिवेश बना लिया गया।

श्रीलंका कब बना स्वतंत्र गणराज्य?

1948 में श्रीलंका को आंशिक स्वतंत्रता मिली और 22 मई 1972 को यह पूरी तरह स्वतंत्र गणराज्य बना। इसके बाद इसे आधिकारिक रूप से श्रीलंका का लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य घोषित किया गया। डॉन स्टीफन सेनानायके देश के पहले प्रधानमंत्री थे और उन्हें राष्ट्रपिता माना जाता है। विलियम गोपाला ने ब्रिटिश गवर्नर की जगह ली और 1972 में पहले राष्ट्रपति बने। इसके साथ ही सिरिमावो भंडारनायके के नेतृत्व में श्रीलंका को यह ऐतिहासिक उपलब्धि मिली कि वह दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी। राष्ट्रीय दिवस केवल श्रीलंका में ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे श्रीलंकाई समुदायों द्वारा भी मनाया जाता है।

कई सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं आयोजित

श्रीलंका में यह दिन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। राजधानी कोलंबो में भव्य सैन्य परेड होती है जिसमें हवाई करतब, विजय गीतों का गायन, पारंपरिक ढोल की गूंज और नेताओं के भाषण शामिल होते हैं। इसके बाद दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें देश के इतिहास, खानपान, संगीत और नृत्य की झलक देखने को मिलती है।

SIR पर संजय सिंह की CEC को चिट्ठी, SC के निर्देश लागू करने की मांग, कहा- बताए 3 करोड़ घुसपैठियों के नाम

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति पर पुलिस का शिकंजा, गैर-जमानती वारंट जारी; SIT की इनाम घोषित करने की तैयारी

CRPF का 47 साल बाद रिकॉर्ड, 12 महीने में ऑपरेशन के दौरान नहीं गई किसी जवान की जान; जानें वजह

पंजाब चुनाव से पहले ED की गतिविधि तेज, AAP विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा के घर पर रेड, मोगा में 2 ठिकानों पर तलाशी

केरल, तमिलनाडु सहित देश के कई हिस्सों में ED की कार्रवाई! 11 ठिकाने पर एक्शन में जांच एजेंसी को क्या मिला?