ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने ईरान के फोर्डो परमाणु स्थल पर फिर बड़ा हमला किया है। खबरों के मुताबिक इजरायल के यह हमले अब भी जारी हैं। इजरायल ने नया हमला उसी जगह पर किया है, जहां रविवार की सुबह अमेरिका ने अपने बी-2 बॉम्बर्स से करीब 13000 किलो वजनी GBU-57 बम गिराया था। अमेरिका के हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख ने सोमवार को बताया कि अमेरिका की ओर से अत्याधुनिक बंकर-बस्टर बमों से किए गए हवाई हमले के बाद फोर्डो में ईरान के भूमिगत प्रतिष्ठान को भारी नुकसान होने की आशंका है।
हमले में कितना हुआ है नुकसान?
एक मीडिया रिपोर्ट में संकट प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि इजरायल ने फोर्दो परमाणु स्थल पर दोबारा हमला किया है। हालांकि, घटनास्थल पर हुए नुकसान के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
इसी तरह, उत्तरी तेहरान में भी जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। इधर, इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि "इजरायल मध्य तेहरान में निर्धारित किए लक्ष्यों पर अभूतपूर्व तीव्रता के साथ हमला कर रहा है।"
नतांज के बाद फोर्दो ईरान का दूसरा मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र है। ये तेहरान से 95 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में एक पहाड़ के किनारे बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, इसका निर्माण 2006 के करीब शुरू हुआ था और 2009 में चालू हुआ। उसी साल तेहरान ने सार्वजनिक रूप से इसके अस्तित्व को स्वीकार भी किया था। ये जगह चट्टान तथा मिट्टी के नीचे करीब 80 मीटर गहराई पर स्थित है। ये सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से भी सुरक्षित है। इधर ईरान-इजरायल में फंसी रही दुनिया, उधर रूस ने यूक्रेन में मचा दिया कोहराम, कीव में भीषण तबाही
22 जून को अमेरिका ने ईरान में फोर्दो सहित 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इनमें नतांज और इस्फहान का नाम थी शामिल है। हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि हमलों से तीनों परमाणु ठिकाने पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। अब ईरान को शांति कायम करनी चाहिए। अगर वो ऐसा नहीं करता है, तो उस पर और बड़े हमले भी किए जाएंगे।