ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई (सोर्स- सोशल मीडिया)  
विदेश

'इतिहास के सबसे खतरनाक शख्स का अंत', खामेनेई की मौत पर डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी मीडिया की पुष्टि

Supreme Leader Khamenei Killed: डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी स्टेट मीडिया ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। क्षेत्र में 40 दिनों के शोक और अवकाश की घोषणा की गई है।

प्रिया सिंह

Death of News Iran Supreme Leader Ayatollah Khamenei: पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त मध्य पूर्व पर टिकी हैं क्योंकि एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की एक हमले में मौत हो गई है। इस खबर की पुष्टि अब खुद ईरानी स्टेट मीडिया ने भी कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी हलचल मच गई है। हालांकि ईरान की सरकार ने अभी तक इस बेहद संवेदनशील मामले पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है, जो रहस्य पैदा करती है।

ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी घटना को इतिहास के सबसे खतरनाक व्यक्ति का अंत करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साफ किया कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में खामेनेई को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया था। ट्रंप के इस आधिकारिक बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नए और अनिश्चित युग की शुरुआत की चर्चा होने लगी है।

ईरानी मीडिया की मुहर

हैरानी की बात यह है कि ईरान के सरकारी यानी स्टेट मीडिया ने भी अब इस खबर पर अपनी मुहर लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिनों के लंबे राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। इसके साथ ही पूरे देश में सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश का भी ऐलान किया गया है ताकि लोग अपना दुख व्यक्त कर सकें।

मिसाइल हमलों की तबाही

यह हमला इजरायल और अमेरिका की वायु सेनाओं द्वारा एक बहुत ही बड़े और संयुक्त ऑपरेशन के तहत अंजाम दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, मिसाइल हमलों के दौरान खामेनेई के साथ कई अन्य शीर्ष ईरानी सैन्य कमांडर भी मारे गए हैं जिनकी सूची भी आई है। इस भीषण हमले ने न केवल ईरान की सैन्य शक्ति बल्कि उसके भविष्य के नेतृत्व को लेकर भी कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरानी सरकार की खामोशी

भले ही स्टेट मीडिया और ट्रंप ने इसकी पुष्टि कर दी है, लेकिन अब भी ईरानी सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। खामेनेई के कार्यालय ने अभी तक इस खबर को लेकर कोई भी स्पष्ट खंडन या अधिकारिक जानकारी जनता के बीच साझा नहीं की है। सरकार की यह रहस्यमयी और लंबी चुप्पी दुनिया भर के कूटनीतिज्ञों के लिए भारी चिंता और संदेह का विषय बनी हुई है।

भारत पर पड़ता प्रभाव

मध्य पूर्व के इस भीषण टकराव से भारत पर भी दबाव बढ़ गया है क्योंकि वहां तेल की आपूर्ति और व्यापार प्रभावित हो सकता है। भारत के लिए वहां रह रहे अपने हजारों नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है जिसे लेकर चर्चा जारी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्थिति को संभालने के लिए वैश्विक नेताओं से संपर्क साधा है ताकि भारतीयों को सुरक्षित रखा जा सके।

वैश्विक बाजार में हलचल

इस खबर के फैलते ही वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखने को मिल रही है जो चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई जैसे कद्दावर नेता का अचानक जाना पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है। आने वाले कुछ घंटे और दिन यह तय करेंगे कि खाड़ी क्षेत्र की राजनीति अब किस हिंसक या शांतिपूर्ण दिशा में रुख करेगी।

Dussehra School Holidays 2026: दशहरे पर कहीं 3 तो कहीं 13 दिन की छुट्टी! जानें आपके राज्य में कब खुलेंगे स्कूल

Terrorist Encounter: कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, 2 आतंकी ढेर

लोकतंत्र में रिजीम चेंज होता है, संजय राउत का तंज, पूछा- BJP ने जो आंदोलन किया था वो चैरिटी के लिए था क्या?

Dhruv Rathee के खिलाफ जमानती वारंट जारी, 2018 के मानहानि मामले में कोर्ट का बड़ा आदेश

LK Advani: जेपी नड्डा अस्पताल पहुंचे, लालकृष्ण आडवाणी से की मुलाकात, जाना हाल-चाल