Iran Attack Qatar Ras Laffan Gas Facility: कतर और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है, जिसने अब क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बुधवार को कतर ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अटैशे को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित करते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया। इसके तुरंत बाद हालात और बिगड़ गए जब ईरान ने कतर की लिक्विफाइड नेचुरल गैस एलएनजी (LNG) सिटी पर हमला किया। कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह कड़ा फैसला ईरान की ओर से बार-बार किए जा रहे हमलों के जवाब में लिया गया है। मंत्रालय ने विशेष रूप से रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए हालिया हमले का जिक्र किया, जिसे देश की ऊर्जा संरचना के लिए बेहद अहम माना जाता है। कतर ने ईरान के दूतावास को आधिकारिक नोट भेजकर स्पष्ट कर दिया कि संबंधित अटैशे के साथ-साथ उनके स्टाफ का भी अब देश में स्वागत नहीं है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस और तेल की कीमतों में उछाल देखा गया, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि संघर्ष अब ऊर्जा युद्ध का रूप ले सकता है।
कतर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सरकार ने इन कार्रवाइयों को अपनी संप्रभुता और सुरक्षा का सीधा उल्लंघन बताया है। बयान में कहा गया कि ईरान की ये गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। कतर ने यह भी चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो वह और कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
दूसरी ओर, ईरान ने हमलों से पहले ही सऊदी अरब, यूएई और कतर में स्थित कुछ प्रमुख सुविधाओं को खाली करने की चेतावनी दी थी। यह चेतावनी उस समय आई जब इजरायली वायु सेना ने ईरान के एक गैस प्रोसेसिंग प्लांट को निशाना बनाया था, जिसमें साउथ पार्स गैस फील्ड के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को नुकसान पहुंचा।
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इस बीच, सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने रियाद की ओर बढ़ रही चार बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। हालांकि, मिसाइलों के कुछ हिस्से शहर में गिरने से चार लोग घायल हो गए। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम पूरे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित बड़े संघर्ष की ओर इशारा करता है।