रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

पुतिन ने विक्ट्री डे पर NATO को ललकारा, कहा- यूक्रेन में जो हो रहा, वो सही है; बिना टैंकों के निकली परेड

Putin Victory Day Parade: पुतिन ने विक्ट्री डे परेड के दौरान नाटो की कड़ी आलोचना की और यूक्रेन में जारी युद्ध को जायज ठहराया। सुरक्षा कारणों से इस बार परेड में सैन्य टैंक शामिल नहीं किए गए।

अमन उपाध्याय

Putin Victory Day Parade NATO Attack: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को के रेड स्क्वायर पर आयोजित वार्षिक 'विक्ट्री डे' (विजय दिवस) परेड के दौरान एक बार फिर पश्चिमी देशों और NATO गठबंधन पर जमकर हमला बोला है। नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह पुतिन ने कहा कि यूक्रेन में चल रही जंग बिल्कुल सही है बताया और इसके साथ ही रूस के सैन्य ताकत की तारिफ भी की।

यूक्रेन युद्ध और नाटो पर तीखा हमला

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सैनिकों को संबोधित करते हुए यूक्रेन युद्ध को 'सही' और 'न्यायपूर्ण' बताया और आरोप लगाया कि यूक्रेन को नाटो देशों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि आज के रूसी सैनिक उसी प्रेरणा से आगे बढ़ रहे हैं और हर चुनौती का डटकर सामना कर रहे हैं।

दो दशकों में पहली बार बिना सैन्य टैंकों के परेड

इस वर्ष की विक्ट्री डे परेड पिछले वर्षों की तुलना में काफी अलग और सीमित रही। लगभग दो दशकों में यह पहली बार था जब मॉस्को की परेड में कोई आधुनिक सैन्य हार्डवेयर, जैसे टैंक या मिसाइलें, शामिल नहीं की गईं। केवल सैन्य कर्मियों की टुकड़ियों ने ही रेड स्क्वायर पर मार्च किया। रूसी सांसद येवगेनी पोपोव ने इस पर कहा कि हमारे टैंक इस समय व्यस्त हैं। वे युद्ध के मैदान में लड़ रहे हैं और वहां उनकी जरूरत रेड स्क्वायर से कहीं ज्यादा है।

विजय दिवस पर रूसी सेना

उत्तर कोरियाई सैनिकों ने भी लिया भाग

परेड के दौरान पुतिन के साथ बेलारूस के नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको, लाओस के राष्ट्रपति थोंग्लौन सिसुलिथ और मलेशिया के सुल्तान इब्राहिम मौजूद थे। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में अंतरराष्ट्रीय नेताओं की संख्या काफी कम रही। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर कोरियाई सैनिकों ने भी भाग लिया।

युद्धविराम की कोशिशें

यह समारोह ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित तीन दिवसीय युद्धविराम लागू होने की बात कही गई थी। हालांकि, इसके बावजूद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन में रूस का हमला अब पांचवे साल में प्रवेश कर गया है। इसी वजह से सुरक्षा को देखते हुए मॉस्कों में इस आयोजन को सीमित तरीके से निपटाया गया।

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