पाकिस्तान में पीटीआई ने 5 अगस्त को देशव्यापी आंदोलन का किया ऐलान (सोर्स- IANS) 
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POK-बलूचिस्तान के बाद PTI ने बढ़ाई आसिम-शहबाज की टेंशन, 5 अगस्त से सड़कों पर उतरेंगे समर्थक; आंदोलन का ऐलान

Pakistan Protest Update: पीओके और बलूचिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच PTI ने भी देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। यह आंदोलन इमरान खान की रिहाई की मांग के लिए होगा।

अमन मौर्या

PTI Announces Nationwide Protest: पीओके से लेकर बलूचिस्तान तक हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की टेशन और बढ़ने वाली हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और अन्य मांगों को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की संसदीय समिति ने 5 अगस्त से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 अगस्त को इमरान खान की जेल में बंदी के तीन साल पूरे होंगे।

पीटीआई के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान की अध्यक्षता में खैबर पख्तूनख्वा में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। इस दौरान संसदीय मामलों और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

जनसभा, विरोध प्रदर्शन और निकलेगा मार्च

पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने डॉन से बातचीत में बताया कि पार्टी के सांसदों द्वारा 5 अगस्त को आंदोलन शुरू करने के लिए का निर्णय लिया गया है। आंदोलन में जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और लंबा मार्च शामिल होगा। उन्होंने बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया है कि प्रदर्शन की योजना और अन्य गतिविधियों को अंतिम रूप देने के लिए महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास की राय ली जाएगी।

बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोहर अली खान ने कहा कि बैठक में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को इमरान खान की जेल में तीसरे वर्ष की अवधि पूरी हो जाएगी। पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अदालतें इमरान खान को न्याय नहीं दे रही हैं और देश में जारी अन्याय को समाप्त किया जाना चाहिए।

बुशरा बीबी ने हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौती

बता दें, जून महीने में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट ट्रस्ट मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट के फैसले को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। एक स्थानीय मीडिया के मुताबिक, दंपति ने अपनी सजा पर रोक लगाने और अपील लंबित रहने तक रिहाई की मांग की है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट द्वारा मई में उनकी सजा पर रोक लगाने संबंधी याचिकाओं को खारिज करने के बाद दंपति ने यह कदम उठाया।

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