Pakistan: पाकिस्तान में सरकार के खिलाफ विरोध की लहर बेकाबू होती जा रही है। एक तरफ बलूचिस्तान में लड़ाके पाकिस्तानी सेना को चुनौती दे रहे हैं, तो दूसरी ओर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भी जनाक्रोश चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को हजारों की संख्या में लोग शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।
जानकारी के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पाक सरकार ने पीओके में भारी सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी है और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। इसके साथ ही अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह कि वो भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है जिसमें उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त मे पाकिस्तान के टुकड़े होंगे।
पीओके में हो रहे विरोध की जड़ में है संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी की लंबे समय से अनदेखी की जा रही मांगें। सरकार की बेरुखी और वादाखिलाफी के खिलाफ अब आम जनता खुलकर सामने आ गई है। मीरपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद समेत पूरे पीओके में विरोध मार्च और रैलियों की लहर चल रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फराबाद में हालात तब और बिगड़ गए जब पुलिस ने कथित रूप से प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी। इस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई और 22 से ज्यादा घायल हो गए। इसके बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर जमकर नारेबाजी की और सरकारी अमले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने हालात की भयावहता को उजागर कर दिया है। एक वीडियो में लोग हवा में लगातार फायरिंग करते नजर आते हैं, वहीं दूसरे वीडियो में प्रदर्शनकारी कारों की छतों पर चढ़कर झंडे लहराते और नारे लगाते दिखते हैं। एक क्लिप में एक प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों के खाली कारतूस दिखा रहा है।
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पीओके में इंटरनेट सेवा बंद
विरोध को दबाने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। इसके अलावा, पीओके में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है, जिसके तहत सभी दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और परिवहन सेवाएं बंद हैं।