PoK चुनाव में हिंसा, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

PoK Election: पाकिस्तानी रेंजर्स की फायरिंग में 19 की मौत, कई जगह मतपेटियां फूंकीं; तनाव चरम पर

PoK Election Violence: PoJK में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी हिंसा हुई है। पाक रेंजर्स की गोलीबारी में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत और दर्जनों घायल हो गए हैं।

अमन उपाध्याय

PoK Election Violence Firing News: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में सोमवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान जबरदस्त खून-खराबा देखने को मिला। एक तरफ पाकिस्तान इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया बता रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने बड़े पैमाने पर इन चुनावों का बहिष्कार किया है।

इस दौरान हुई हिंसा और पाकिस्तानी रेंजर्स की अंधाधुंध गोलीबारी में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

रावलकोट में पाक रेंजर्स की बर्बरता

सबसे भीषण हिंसा रावलकोट इलाके में हुई। सूत्रों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के आह्वान पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी 'मुजफ्फराबाद चलो' लॉन्ग मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे, तभी पाक रेंजर्स ने उन पर गोलियां चला दीं। इस कार्रवाई में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

भींबर में मतपेटियां फूंकीं

हिंसा की लपटें केवल रावलकोट तक सीमित नहीं रहीं। भींबर जिले में एक मतदान केंद्र पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि उपद्रवियों ने एक मतपेटी छीन ली और उसे आग के हवाले कर दिया, जिससे उसमें रखे सभी वोट जलकर राख हो गए।

उधर, कोटली जिले के नकयाल में हुई झड़प में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के एक कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की मौत की खबर है। पीपीपी ने इस हत्या के लिए अपने राजनीतिक विरोधियों को जिम्मेदार ठहराया है।

JAAC का चुनाव बहिष्कार

यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब PoK का प्रशासन और नागरिक संगठनों का समूह JAAC आमने-सामने हैं। JAAC ने शासन की विफलता, आर्थिक तंगी और राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर इन चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया था।

संगठन की मुख्य मांग 1947 के बाद यहां बसे शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करना है। पिछले दो महीनों से जारी इन विरोध प्रदर्शनों के कारण इस्लामाबाद ने इस संगठन पर प्रतिबंध भी लगा दिया था, जिससे जनता में भारी गुस्सा है।

दमन का नतीजा है यह आक्रोश

PoK में जारी इस अस्थिरता पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न हिस्से हैं। भारत के अनुसार, पीओके में हो रहे प्रदर्शन पाकिस्तान की ओर से दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण और प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हाल ही में कहा था कि अब पाकिस्तान से सिर्फ PoK पर बात होगी।

गूंज नहीं, सीधा धमाका, DUSU में ABVP की जीत से गदगद हुई BJP, कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना

हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता देश के लिए खतरा, हामिद अंसारी के बयान बवाल, BJP ने किया पलटवार

सहारनपुर से चुनावी आगाज की परंपरा जारी रखेगी BJP? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से सियासी हलचल तेज

दिल्ली में वोटर लिस्ट से कटेगा केजरीवाल का नाम, चुनाव आयोग ने भेजा SIR का नोटिस, पूर्व CM से मांगे कागज

ABVP ने DUSU चुनाव में लहराया परचम, जीत के बाद यश डबास की पहली प्रतिक्रिया, बोले- हमारे साथ हैं Gen Z